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ट्रम्प ने रूस से डीजल खरीदने पर दी छूट, 7 अप्रैल 2027 तक हटे प्रतिबंध, जेलेंस्की ने जताई नाराजगी

10 अक्टू, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
ट्रम्प ने रूस से डीजल खरीदने पर दी छूट, 7 अप्रैल 2027 तक हटे प्रतिबंध, जेलेंस्की ने जताई नाराजगी
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

अमेरिका में डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रूस से ईंधन खरीदने का रास्ता खोल दिया है। अमेरिकी वित्त विभाग ने रूसी मूल के डीजल की बिक्री, आपूर्ति और आयात पर लगी पाबंदियों में 7 अप्रैल 2027 तक अस्थायी छूट दी है।


रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बातचीत के बाद हुए इस फैसले के तहत अमेरिका और वैश्विक बाजार में डीजल की आपूर्ति बढ़ाने की योजना है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने इसका विरोध करते हुए कहा है कि रूसी ऊर्जा कारोबार को राहत मिलने से मॉस्को की युद्ध लड़ने की क्षमता बढ़ सकती है।


अमेरिका को रूस से कितने टन डीजल मिलेगा?

ट्रम्प ने रूस से चरणबद्ध तरीके से डीजल की आपूर्ति किए जाने की जानकारी दी है। उनके अनुसार, शुरुआती खेप में 3 लाख टन से ज्यादा डीजल भेजा जाएगा।


आपूर्ति की घोषित योजना के प्रमुख आंकड़े इस प्रकार हैं:

- पहली खेप: 3 लाख टन से अधिक डीजल तुरंत।

- नवंबर में: 5 लाख टन डीजल।

- अगले चरण में: 10 लाख टन डीजल।

- आगे की संभावित आपूर्ति: 30 लाख टन अतिरिक्त डीजल, जो रूसी रिफाइनरियों की स्थिति पर निर्भर करेगी।


ट्रम्प के मुताबिक, इस अतिरिक्त आपूर्ति से अमेरिकी बाजार के साथ दुनिया के दूसरे बाजारों में भी ईंधन की उपलब्धता बढ़ सकती है।


 डीजल की कीमतों में उछाल के बीच लिया फैसला

ईरान युद्ध के बाद ऊर्जा आपूर्ति पर पड़े असर से अमेरिका में डीजल महंगा हुआ है। दिए गए आंकड़ों के अनुसार, वहां डीजल की कीमत करीब 6.28 डॉलर प्रति गैलन पहुंच गई है, जबकि युद्ध से पहले यह लगभग 3.70 डॉलर प्रति गैलन थी।


ईंधन की महंगाई को कम करना ट्रम्प प्रशासन के लिए अहम मुद्दा बन गया है। अमेरिका में 3 नवंबर 2026 को मिडटर्म चुनाव होने हैं और बढ़ती कीमतों का असर मतदाताओं की आर्थिक चिंताओं पर पड़ सकता है।


व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रम्प ने कहा कि कम कीमतों से अमेरिकी किसानों, पशुपालकों और ट्रक चालकों को राहत देना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने रूसी राष्ट्रपति पुतिन का भी आभार जताया।


यूक्रेन युद्ध के बीच रूस को राहत देने पर विवाद

रूस ने 2022 में यूक्रेन पर हमला किया था। इसके बाद अमेरिका ने मॉस्को की आय के स्रोतों पर दबाव बनाने के लिए रूसी तेल से जुड़े प्रतिबंध लगाए थे। अब डीजल की खरीद पर अस्थायी छूट देने के फैसले ने अमेरिकी ऊर्जा नीति और यूक्रेन युद्ध को लेकर नई बहस खड़ी कर दी है।


यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने इस समझौते की आलोचना की है। उनका कहना है कि रूस को पेट्रोलियम उत्पाद बेचने की अनुमति देने से पुतिन को युद्ध जारी रखने के लिए आर्थिक संसाधन मिल सकते हैं।


जेलेंस्की के अनुसार, इस फैसले से रूस लंबे समय तक लड़ाई जारी रखने, अधिक लोगों की जान लेने और व्यापक नुकसान पहुंचाने में सक्षम हो सकता है। उन्होंने आशंका जताई कि अतिरिक्त आर्थिक मदद मिलने पर रूस यूक्रेन के खिलाफ हमले और तेज कर सकता है।


भारत और चीन पर टैरिफ की नीति के बीच बदला रुख

ट्रम्प प्रशासन के इस फैसले के साथ अमेरिकी व्यापार नीति का एक दूसरा पहलू भी चर्चा में है। इनपुट के अनुसार, सितंबर में ट्रम्प ने ऐसे कानून पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके तहत रूस से तेल खरीदने वाले भारत और चीन जैसे देशों पर 100% तक टैरिफ लगाया जा सकता है।


एक तरफ रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर शुल्क लगाने का प्रावधान किया गया, तो दूसरी तरफ अमेरिका ने अपने बाजार के लिए रूसी डीजल की खरीद पर अस्थायी छूट दी है। यह कदम ऊर्जा आपूर्ति और रूस पर आर्थिक दबाव बनाए रखने की नीति के बीच संतुलन की चुनौती को सामने लाता है।


विशेषज्ञों को कीमतों में बड़ी गिरावट की उम्मीद नहीं

ट्रम्प की घोषणा के बाद शुक्रवार को डीजल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। लेकिन ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञों ने सवाल उठाया है कि क्या रूस से अतिरिक्त आपूर्ति वास्तव में अमेरिकी उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दे पाएगी।


ऊर्जा विशेषज्ञ क्लेटन सीगल के मुताबिक, इस समझौते का कीमतों पर बहुत बड़ा असर पड़ने की संभावना नहीं है। उनके आकलन में रूस और पुतिन को इससे आर्थिक लाभ मिलने की संभावना अधिक है।


ऊर्जा नीति विशेषज्ञ माइकल लिंच ने भी कीमतों में स्थायी कमी को लेकर संदेह जताया। उन्होंने समझौते की तुलना डूबते जहाज पर कुर्सियां इधर-उधर करने से की। उनका तर्क है कि यदि अमेरिका रूस से डीजल खरीदता है, तो रूस के मौजूदा ग्राहक दूसरे देशों से ईंधन खरीदने लगेंगे। इससे वैश्विक बाजार में कुल उपलब्धता में खास बढ़ोतरी नहीं होगी और कीमतें ऊंची बनी रह सकती हैं।


ईरान युद्ध खत्म कराने में रूस की भूमिका का ट्रम्प ने किया स्वागत

रूसी राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन के अनुसार, ट्रम्प ईरान युद्ध का समाधान निकालने के प्रयासों में रूस की भूमिका का स्वागत करते हैं। ऊर्जा आपूर्ति को लेकर दोनों देशों के बीच हुई बातचीत इसी व्यापक अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम के बीच हुई है।


ट्रम्प ने शुक्रवार को न्यूयॉर्क के सिरैक्यूज में एक चुनावी रैली के दौरान दावा किया कि ईरान के साथ युद्ध समाप्त होते ही तेल की कीमतों में तेजी से गिरावट आएगी। उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट से युद्ध शुरू होने से पहले की तुलना में अधिक तेल गुजरने की बात भी कही।


उन्होंने तेल रिफाइनरियों और खुदरा विक्रेताओं से पेट्रोल-डीजल की कीमतें तुरंत कम करने की अपील की। ट्रम्प ने यह दावा भी दोहराया कि होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका का पूरा नियंत्रण है।


युद्ध खत्म करने की बातचीत के बीच आया समझौता

रूस से डीजल खरीदने का फैसला ऐसे समय आया है, जब यूक्रेन के वार्ताकार युद्ध समाप्त करने के रास्ते तलाशने के लिए अमेरिका के फ्लोरिडा में अधिकारियों से बातचीत कर रहे थे।


इस घटनाक्रम से एक तरफ अमेरिका में ईंधन की कीमतों को नियंत्रित करने की कोशिश सामने आई है, तो दूसरी तरफ यूक्रेन ने रूस को मिलने वाली संभावित आर्थिक राहत पर चिंता जताई है। समझौते का वास्तविक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि घोषित आपूर्ति कितनी जल्दी बाजार तक पहुंचती है और उससे वैश्विक ईंधन उपलब्धता में कितनी बढ़ोतरी होती है।

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