
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की सरकार ने अमेरिकी संसद से 87.6 अरब डॉलर (करीब ₹8.3 लाख करोड़) की अतिरिक्त फंडिंग मंजूर करने का अनुरोध किया है। सरकार का कहना है कि इस राशि का बड़ा हिस्सा ईरान से जुड़े सैन्य अभियानों और रक्षा तैयारियों पर खर्च किया जाएगा।
इस प्रस्ताव को लेकर अमेरिकी संसद में विरोध भी तेज हो गया है। सीनेट और इससे पहले लोअर हाउस, दोनों ट्रम्प से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोकने की मांग कर चुके हैं।
कहां खर्च होगी अतिरिक्त राशि
व्हाइट हाउस के अनुसार, यह फंडिंग पिछले वर्ष स्वीकृत लगभग 1 ट्रिलियन डॉलर और अगले वित्तीय वर्ष के लिए प्रस्तावित 1.5 ट्रिलियन डॉलर के रक्षा बजट से अलग है। सरकार के मुताबिक अतिरिक्त राशि का उपयोग इन कार्यों के लिए किया जाएगा—
- ईरान से जुड़े सैन्य ऑपरेशन
- सेना की युद्ध तैयारी
- हथियारों के भंडार को दोबारा भरना
- गोपनीय रक्षा कार्यक्रम
संसद में बढ़ा विरोध
मंगलवार को अमेरिकी सीनेट ने एक प्रस्ताव पारित कर राष्ट्रपति ट्रम्प से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोकने की अपील की। इससे पहले अमेरिकी लोअर हाउस भी ऐसा ही प्रस्ताव पारित कर चुका है। इस दौरान चार रिपब्लिकन सांसदों ने भी डेमोक्रेट सांसदों का समर्थन किया।
ट्रम्प ने वोटिंग को लेकर किया दावा
डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर कहा कि ईरान युद्ध अधिकार प्रस्ताव पर अमेरिकी सीनेट का रुख बदल गया है। उन्होंने लिखा कि सीनेट में मतदान का परिणाम 50-48 के विरोध से बदलकर 50-47 के समर्थन में पहुंच गया। ट्रम्प ने कहा कि रैंड पॉल और बिल कैसिडी ने अपना रुख बदला। उन्होंने जॉन थ्यून, लिंडसे ग्राहम, बर्नी मोरेनो और अन्य सदस्यों का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह मतदान ईरान के लिए स्पष्ट संदेश है।
पाठकों की राय (0)
इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

