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भारत के निवेश वाले चाबहार पोर्ट पर हमला, अमेरिका-ईरान तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही घटी

17 जुल, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
भारत के निवेश वाले चाबहार पोर्ट पर हमला, अमेरिका-ईरान तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही घटी
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भारत के निवेश वाले चाबहार पोर्ट को अमेरिका की ताजा सैन्य कार्रवाई में नुकसान पहुंचा है। शुक्रवार को ईरान पर लगातार छठी रात हुए हमलों के दौरान पोर्ट के निगरानी (कंट्रोल) टावर को क्षति पहुंचने की पुष्टि हुई। यह बंदरगाह भारत के लिए रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी बीच ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी लड़ाकू विमानों को निशाना बनाने का दावा किया है, जबकि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों की संख्या भी घटकर सिर्फ 3 रह गई।


अमेरिका ने किन ठिकानों पर किए हमले?

अमेरिकी रक्षा विभाग के अनुसार, सैन्य अभियान में फाइटर जेट, ड्रोन और युद्धपोतों का इस्तेमाल किया गया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि कार्रवाई के दौरान कई सैन्य प्रतिष्ठानों को लक्ष्य बनाया गया।


हमलों में शामिल प्रमुख लक्ष्य:

  1. तटीय निगरानी केंद्र

  2. एयर डिफेंस सिस्टम

  3. सैन्य लॉजिस्टिक्स नेटवर्क

  4. समुद्री सैन्य ठिकाने


चाबहार पोर्ट के कंट्रोल टावर को पहुंचा नुकसान

अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कंट्रोल टावर के क्षतिग्रस्त होने की तस्वीर साझा की। ईरान की समाचार एजेंसी मेहर ने भी चाबहार पोर्ट और उसके कंट्रोल टावर पर हमले की पुष्टि की। जानकारी के मुताबिक, एक सप्ताह के भीतर कंट्रोल टावर पर यह तीसरा हमला है।


भारत के लिए क्यों अहम है चाबहार पोर्ट?

चाबहार पोर्ट के विकास में भारत ने निवेश किया है। इसका संचालन भारतीय कंपनी इंडिया पोर्ट्स ग्लोबल लिमिटेड (IPGL) कर रही है। यह बंदरगाह भारत को पाकिस्तान के रास्ते पर निर्भर हुए बिना अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक व्यापारिक पहुंच उपलब्ध कराता है।


तेहरान के मेयर ने ट्रम्प को लेकर क्या कहा?

तेहरान के मेयर अलीरेजा जकानी ने कहा कि ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की हत्या के जिम्मेदार लोगों को सजा मिलेगी। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि इस घटना का बदला लिया जाएगा और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प दुनिया में कहीं भी सुरक्षित नहीं रहेंगे।


जॉर्डन में अमेरिकी विमानों पर हमले का ईरानी दावा

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने जॉर्डन में तैनात अमेरिकी लड़ाकू विमानों को निशाना बनाया। ईरानी सरकारी टीवी के अनुसार, यह कार्रवाई अमेरिकी सैन्य ठिकानों के खिलाफ जारी जवाबी अभियान का हिस्सा है। इससे पहले जॉर्डन की सेना ने कहा था कि उसने अपनी ओर दागी गई तीन ईरानी मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया।


होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही घटी

शिपिंग डेटा के अनुसार, गुरुवार को होर्मुज स्ट्रेट से केवल 3 मालवाहक जहाज गुजरे। यह मई के बाद एक दिन में सबसे कम आवाजाही दर्ज की गई। हालिया हमलों और ईरान से जुड़े जहाजों पर अमेरिकी नाकाबंदी दोबारा लागू होने के बाद कई जहाज या तो रुक गए या रास्ते से लौट गए।


किन जहाजों का हुआ जिक्र?

शिपिंग ट्रैकिंग कंपनी केप्लर के मुताबिक प्रतिबंधित टैंकर 'मिरान' और एलपीजी जहाज 'नोरिटा' होर्मुज पार कर ओमान की खाड़ी पहुंचे, लेकिन अमेरिकी नाकाबंदी वाले क्षेत्र में जाकर रुक गए। इराकी फ्यूल ऑयल ले जा रहा बंकरिंग टैंकर 'अरोलिया' होर्मुज स्ट्रेट पार करने के कुछ घंटे बाद यू-टर्न लेकर फिर खाड़ी की ओर लौट गया।

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