
अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव एक बार फिर तेज हो गया है। अमेरिकी सेना ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए, जिसके बाद ईरान ने क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया।
लगातार बढ़ते घटनाक्रम के बीच सुरक्षा हालात का असर आम नागरिकों पर भी दिखने लगा है। दक्षिणी ईरान के चार प्रांतों में 12वीं बोर्ड की अंतिम परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं, जबकि पाकिस्तान ने दोनों देशों के बीच संवाद बहाल कराने की कोशिश जारी रखने की बात कही है।
अमेरिकी हमले में किन ठिकानों को बनाया गया निशाना
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, गुरुवार तड़के ईरान में कई सैन्य ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की गई। हमलों में मिसाइल लॉन्च साइट, रक्षा प्रतिष्ठान और सिस्तान-बलूचिस्तान स्थित 388वीं ब्रिगेड की बैरक को लक्ष्य बनाया गया।
ईरान ने अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई का दावा किया
ईरान ने दावा किया कि उसने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए।
- बहरीन और कुवैत में मिसाइल अलर्ट जारी किया गया।
- जॉर्डन ने कहा कि उसने 8 ईरानी मिसाइलें मार गिराईं।
ईरानी संसद अध्यक्ष और IRGC की चेतावनी
ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा कि यदि अमेरिका पीछे नहीं हटता है तो ईरान बड़े सैन्य टकराव के लिए तैयार है। वहीं रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने चेतावनी दी कि आवश्यकता पड़ने पर मिडिल ईस्ट से तेल और गैस के निर्यात को भी रोका जा सकता है।
चार प्रांतों में 12वीं की परीक्षाएं स्थगित
अमेरिकी हमलों के बीच सुरक्षा स्थिति को देखते हुए ईरान के शिक्षा मंत्रालय ने होर्मोजगान, बुशेहर, खुजेस्तान और सिस्तान-बलूचिस्तान में 12वीं कक्षा की अंतिम परीक्षाएं स्थगित करने का फैसला लिया। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि इन चार प्रांतों के अलावा देश के बाकी हिस्सों में परीक्षाएं तय कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेंगी।
पाकिस्तान ने बातचीत बहाल करने पर दिया जोर
सैन्य तनाव के बीच पाकिस्तान ने कहा है कि वह अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता फिर शुरू कराने के प्रयास जारी रखेगा। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा कि सभी पक्ष हिंसा रोकें और पिछले महीने हुए समझौता ज्ञापन (MoU) के आधार पर तकनीकी स्तर की बातचीत दोबारा शुरू करें।
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