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अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रम्प बोले- परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज स्ट्रेट पर बनी सहमति की जमीन

30 मई, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रम्प बोले- परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज स्ट्रेट पर बनी सहमति की जमीन
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव के बीच एक बड़ा दावा सामने आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि दोनों देश कई अहम मुद्दों पर समझौते के करीब पहुंच चुके हैं। उनके मुताबिक परमाणु कार्यक्रम, होर्मुज स्ट्रेट और समुद्री सुरक्षा जैसे विषयों पर सकारात्मक प्रगति हुई है। हालांकि अभी तक इस संभावित समझौते की आधिकारिक पुष्टि ईरान या अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की ओर से नहीं की गई है। इसके बावजूद ट्रम्प के बयान ने वैश्विक कूटनीति में नई चर्चा छेड़ दी है।


ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने होंगे

सोशल मीडिया पर जारी बयान में ट्रम्प ने कहा कि संभावित समझौते की सबसे अहम शर्त यह होगी कि ईरान स्पष्ट रूप से यह स्वीकार करे कि वह कभी परमाणु हथियार विकसित नहीं करेगा। परमाणु मुद्दा वर्षों से अमेरिका और ईरान के बीच सबसे बड़ा विवाद रहा है। ऐसे में यदि इस मोर्चे पर सहमति बनती है तो यह दोनों देशों के रिश्तों में बड़ा बदलाव माना जा सकता है।


होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खोलने का दावा

ट्रम्प के अनुसार समझौते के तहत होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खुला रखा जाएगा। इस रणनीतिक समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर किसी प्रकार का टोल नहीं लगाया जाएगा और दोनों दिशाओं में समुद्री यातायात बिना बाधा जारी रहेगा। दुनिया के तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है। इसलिए इस क्षेत्र में स्थिरता का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी पड़ सकता है।


समुद्री माइंस हटाने की बात

ट्रम्प ने दावा किया कि होर्मुज क्षेत्र में बिछाई गई सभी समुद्री माइंस हटाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि अमेरिका पहले ही कई माइंस को नष्ट कर चुका है, जबकि शेष माइंस को ईरान हटाएगा या निष्क्रिय करेगा। यदि ऐसा होता है तो क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में इसे अहम कदम माना जाएगा।


एनरिच्ड यूरेनियम भंडार को नष्ट करने का प्रस्ताव

ट्रम्प के बयान के मुताबिक ईरान के एनरिच्ड यूरेनियम भंडार को अमेरिका, ईरान और IAEA के समन्वय से बाहर निकालकर नष्ट किया जाएगा। यह प्रस्ताव परमाणु गतिविधियों पर अंतरराष्ट्रीय निगरानी को और मजबूत कर सकता है। हालांकि इस दावे पर अभी तक अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।


अभी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार

ट्रम्प के दावों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल जरूर बढ़ा दी है, लेकिन फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि बातचीत किस चरण में है और अंतिम समझौता कब तक संभव हो सकता है। दुनिया की निगाहें अब ईरान, अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की आधिकारिक प्रतिक्रियाओं पर टिकी हैं, क्योंकि यह समझौता पश्चिम एशिया की राजनीति और वैश्विक सुरक्षा समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।

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