
अमेरिका और ईरान के बीच संभावित बातचीत को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। जहां एक ओर अमेरिकी टीम पाकिस्तान पहुंचने की तैयारी में है, वहीं ईरानी प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी पर अब भी सवाल बने हुए हैं।
ईरानी डेलिगेशन की मौजूदगी पर संशय
ईरानी मीडिया के अनुसार मुख्य वार्ताकार Mohammad Bagher Ghalibaf, विदेश मंत्री Hossein Amir-Abdollahian (अराघची के संदर्भ में) और उनके डिप्टी फिलहाल ईरान में ही हैं। इससे यह साफ नहीं हो पा रहा कि प्रस्तावित वार्ता समय पर हो पाएगी या नहीं, जिससे कूटनीतिक हलकों में अनिश्चितता बनी हुई है।
अमेरिकी टीम पाकिस्तान के लिए रवाना
दूसरी ओर अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance पाकिस्तान के लिए रवाना होने वाले हैं। उनके साथ विशेष दूत Steve Witkoff और Jared Kushner भी इस दौरे में शामिल होंगे, जो इस बातचीत को और अहम बना देता है।
सीजफायर खत्म होने से पहले बढ़ा तनाव
यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब 22 अप्रैल को खत्म होने वाला सीजफायर एक दिन के लिए बढ़ा दिया गया है। Donald Trump के इस फैसले को बातचीत के लिए आखिरी मौके के रूप में देखा जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वार्ता अब मंगलवार की बजाय बुधवार को हो सकती है।
ट्रम्प भी हो सकते हैं शामिल
रिपोर्ट्स के अनुसार अगर बातचीत में कोई बड़ी प्रगति होती है, तो ट्रम्प खुद या वर्चुअल तरीके से इसमें शामिल हो सकते हैं। यह संकेत देता है कि अमेरिका इस वार्ता को लेकर गंभीर है और किसी ठोस नतीजे की उम्मीद कर रहा है।
50 दिन बाद ईरान में घरेलू उड़ानें शुरू
तनाव के बीच ईरान में हालात धीरे-धीरे सामान्य होने के संकेत भी मिल रहे हैं। करीब 50 दिनों बाद घरेलू उड़ान सेवाएं फिर से शुरू की जा रही हैं। शुरुआत तेहरान से मशहद रूट पर होगी, जिससे लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
फारस की खाड़ी में सैकड़ों जहाज फंसे
Persian Gulf में हालात अब भी बेहद तनावपूर्ण हैं। अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद सुरक्षा खतरे के चलते सैकड़ों जहाज समुद्र में फंसे हुए हैं, जो आगे नहीं बढ़ पा रहे।
IMO बना रहा निकासी प्लान
International Maritime Organization इन जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए योजना तैयार कर रहा है। महासचिव Arsenio Dominguez के अनुसार यह ऑपरेशन बेहद जटिल होगा, क्योंकि इलाके में खतरा अभी भी बना हुआ है।
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