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वेनेजुएला भूकंप: 7.5 तीव्रता के दोहरे झटकों से तबाही, 10 हजार से ज्यादा मौतों की आशंका; भारत ने मदद का भरोसा दिया

25 जून, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
वेनेजुएला भूकंप: 7.5 तीव्रता के दोहरे झटकों से तबाही, 10 हजार से ज्यादा मौतों की आशंका; भारत ने मदद का भरोसा दिया
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

वेनेजुएला में बुधवार शाम (भारतीय समयानुसार गुरुवार सुबह) आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने भारी तबाही मचाई है। राजधानी कराकस से करीब 290 किलोमीटर पश्चिम में कुछ ही सेकेंड के अंतराल पर 7.2 और फिर 7.5 तीव्रता के झटके महसूस किए गए। सरकार ने हालात को देखते हुए राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया है। अब तक 32 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 700 से अधिक लोग घायल हुए हैं।


USGS ने बड़े नुकसान की आशंका जताई

अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के मुताबिक, इस भूकंप में 10,000 से अधिक लोगों की मौत की 44% और 1,00,000 से ज्यादा मौतों की 30% आशंका जताई गई है।


कराकस समेत कई शहरों में भारी नुकसान

भूकंप के झटकों से कराकस सहित कई शहरों में इमारतों को नुकसान पहुंचा है। स्थानीय मीडिया के अनुसार, कराकस एयरपोर्ट की छत का एक हिस्सा गिर गया, जिससे आसपास धूल का बड़ा गुबार फैल गया। कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने राष्ट्रीय आपातकाल लागू करने की घोषणा की है।


126 वर्षों का सबसे शक्तिशाली भूकंप

जानकारी के मुताबिक, यह पिछले 126 वर्षों में वेनेजुएला का सबसे शक्तिशाली भूकंप माना जा रहा है। इससे पहले 1900 में 7.7 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था।


गैस सप्लाई अस्थायी रूप से बंद

भूकंप के बाद प्रभावित क्षेत्रों में सरकार ने एहतियात के तौर पर गैस सप्लाई अस्थायी रूप से रोक दी है। गृह मंत्री डियोसदादो काबेलो ने कहा कि कई इमारतें क्षतिग्रस्त हुई हैं। गैस रिसाव या विस्फोट जैसी घटनाओं से बचने के लिए यह कदम उठाया गया है।


पीएम मोदी ने जताया दुख, मदद का दिया भरोसा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भारत इस कठिन समय में वेनेजुएला के लोगों के साथ खड़ा है और जरूरत पड़ने पर हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए तैयार है।


भूकंप क्यों आता है?

धरती की सतह 7 बड़ी और कई छोटी टेक्टोनिक प्लेटों से बनी है। ये प्लेटें लगातार गतिशील रहती हैं और कई बार आपस में टकराती हैं। जब इन प्लेटों पर दबाव बढ़ जाता है तो वे टूटने या खिसकने लगती हैं। इस दौरान भीतर जमा ऊर्जा अचानक बाहर निकलती है, जिससे भूकंप के झटके महसूस होते हैं।

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