पर्यावरणीय दृष्टि से संवेदनशील उत्तराखंड में अब पालीथिन कैरीबैग के साथ ही, थर्मोकोल व स्टायरोफोम से बने सिंगल यूज उत्पादों के उपयोग, उत्पादन और बिक्री प्रतिबंधित कर दी गई है। कैबिनेट के फैसले के क्रम में शासन ने मंगलवार को इस सिलसिले में अधिसूचना जारी कर दी। इसमें साफ किया गया है कि तय नियमों के उल्लंघन की दशा में 100 से लेकर पांच लाख रुपये तक जुर्माना वसूला जाएगा। यदि कोई दूसरी बार उल्लंघन करता है तो दोगुना जुर्माना लगाया जाएगा। दिशा-निर्देशों के क्रियान्वयन और जुर्माना आरोपित करने के लिए विभिन्न स्तरों पर अधिकारी नामित किए गए हैं। प्लास्टिक, थर्मोकोल और स्टायरोफोम से बनी डिस्पोजेबल कटलरी, प्लेट, ट्रे, कटोरे, कप, गिलास, चम्मच, कांटा, स्ट्रा, चाकू जैसे सिंगल यूज उत्पादों का उत्तराखंड में भी बेतहाशा उपयोग हो रहा है। इससे यहां का पारिस्थितिकीय तंत्र प्रभावित हो रहा है। एक बार उपयोग के बाद यहां-वहां फेंके जाने वाले प्लास्टिक कचरे के कारण शहरों में सीवरेज सिस्टम, नालियां चोक हो रही हैं। हालांकि, पूर्व में 40 माइक्रोन से कम मोटाई के प्लास्टिक-पालीथिन को प्रतिबंधित किया गया था, मगर कोरोनाकाल के दौरान इसके नियमों में शिथिलता प्रदान की गई थी।
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