
इंदौर। 11 अक्टूबर को भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाले टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले से पहले इंदौर में खिलाड़ियों के स्वागत, सुरक्षा और अभ्यास की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच रही हैं। दोनों टीमें शनिवार दोपहर करीब 2:40 बजे चार्टर्ड फ्लाइट से शहर पहुंचेंगी और अलग-अलग होटलों में ठहरेंगी।
होलकर स्टेडियम में मैच के लिए अभ्यास पिचों से लेकर मैदान की परिस्थितियों तक पर काम किया जा रहा है। मुकाबले के संचालन में इंदौर और मध्य प्रदेश के चार लोगों को जिम्मेदारी मिली है, जबकि स्टेडियम के बाहर टीम इंडिया की जर्सी और कैप की बिक्री से क्रिकेट का उत्साह भी नजर आने लगा है।
रेडिसन और मैरिएट में ठहरेंगी दोनों टीमें
भारतीय खिलाड़ियों के ठहरने की व्यवस्था रेडिसन होटल में की गई है। वेस्टइंडीज की टीम मैरिएट होटल में रुकेगी। एयरपोर्ट से दोनों टीमों को निर्धारित मार्गों से उनके होटलों तक पहुंचाया जाएगा।
खिलाड़ियों की सुरक्षा के साथ स्टेडियम में प्रवेश, दर्शकों की आवाजाही और अन्य व्यवस्थाओं को व्यवस्थित करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
बल्लेबाजों और गेंदबाजों के लिए चार अभ्यास पिचें
दोनों टीमों की तैयारी को ध्यान में रखते हुए होलकर स्टेडियम के बाहर और अंदर अभ्यास के अलग-अलग इंतजाम किए गए हैं।
- अमय खुरासिया एकेडमी: बल्लेबाजों के नेट अभ्यास के लिए दो पिचें बनाई गई हैं। इन पर होलकर स्टेडियम जैसी परिस्थितियां तैयार करने का प्रयास किया गया है।
- होलकर स्टेडियम: गेंदबाजों के अभ्यास के लिए दो अतिरिक्त पिचें तैयार हैं।
दोनों टीमों के लिए कोई अनिवार्य आधिकारिक अभ्यास सत्र तय नहीं है। खिलाड़ी और टीम प्रबंधन अपनी जरूरत तथा सुविधा के मुताबिक अभ्यास करने का निर्णय ले सकते हैं।
एयरपोर्ट से स्टेडियम तक तय किए गए रास्ते
टीमों की आवाजाही के लिए अलग-अलग स्थानों को जोड़ने वाले मार्ग निर्धारित किए गए हैं। एयरपोर्ट से होटल जाने के लिए सुपर कॉरिडोर और एमआर-10 का उपयोग किया जाएगा, जबकि अभ्यास के लिए स्टेडियम पहुंचने का मार्ग एबी रोड रहेगा।
खिलाड़ियों के होटलों और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ाने की तैयारी है। स्टेडियम के भीतर भी खिलाड़ियों की सुरक्षा तथा दर्शकों के प्रवेश और आवाजाही पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
सुरक्षा प्रबंधन में सीसीटीवी कैमरों के अलावा टर्नस्टाइल और फेस रिकॉग्निशन तकनीक के इस्तेमाल की जानकारी भी दी गई है। इन तकनीकों के वास्तविक संचालन और लागू सुरक्षा प्रोटोकॉल की पुष्टि संबंधित अधिकारियों से होना जरूरी है।
ओस का असर कम करने के लिए मैदान पर ध्यान
होलकर स्टेडियम की पिच बल्लेबाजी के अनुकूल मानी जाती है और यहां बड़े स्कोर बनते रहे हैं। भारत-वेस्टइंडीज के इस टी-20 मुकाबले में भी बल्लेबाजों के प्रदर्शन के साथ गेंदबाजों की रणनीति महत्वपूर्ण होगी।
मैदान की तैयारी में घास और अन्य तकनीकी पहलुओं पर काम किया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मैदान पर विशेष प्रकार की घास लगाई गई है, जिसका उद्देश्य ओस के प्रभाव को कम करना है।
रात के मुकाबलों में ओस के कारण गेंद गीली हो सकती है, जिससे गेंदबाजों के लिए उसे पकड़ना और नियंत्रित करना कठिन होता है। घास से ओस पर कितना असर पड़ेगा, यह वास्तविक मौसम और मैदान की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
टीम इंडिया में इंदौर का खिलाड़ी नहीं, नितिन मेनन संभालेंगे थर्ड अंपायर की भूमिका
भारत की घोषित टीम में इंदौर का कोई खिलाड़ी शामिल नहीं है। इसके बावजूद अंतरराष्ट्रीय मुकाबले के तकनीकी संचालन में शहर की भागीदारी रहेगी।
इंदौर के अंतरराष्ट्रीय अंपायर नितिन मेनन को भारत-वेस्टइंडीज टी-20 सीरीज में जिम्मेदारी मिली है। होलकर स्टेडियम में होने वाले मुकाबले में वह थर्ड अंपायर की भूमिका निभाएंगे।
थर्ड अंपायर टीवी रीप्ले और उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों की मदद से मैदानी अंपायरों को निर्णय लेने में सहायता करते हैं। पांच टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों की इस सीरीज में मेनन अन्य भूमिकाओं में भी नजर आ सकते हैं।
मध्य प्रदेश के चार लोगों को मिली मैच संचालन की जिम्मेदारी
बीसीसीआई और एमपीसीए ने आयोजन से जुड़े अलग-अलग कार्यों के लिए प्रदेश के चार लोगों को जिम्मेदारी सौंपी है।
- जयंत वानखेड़े, इंदौर: बीसीसीआई की ओर से स्कोरर नियुक्त।
- मयंक थनवार, इंदौर: बीसीसीआई की ओर से स्कोरर नियुक्त।
- अमित पारखे, इंदौर: एमपीसीए की ओर से मीडिया बॉक्स की जिम्मेदारी।
- सुनील गुप्ता, ग्वालियर: डीएलएस से जुड़ी जिम्मेदारी।
डीएलएस यानी डकवर्थ-लुईस-स्टर्न पद्धति का उपयोग बारिश या अन्य कारणों से प्रभावित सीमित ओवरों के मैचों में संशोधित लक्ष्य निर्धारित करने के लिए किया जाता है। स्कोरिंग, मीडिया प्रबंधन और तकनीकी प्रक्रियाओं में इन नियुक्तियों के जरिए प्रदेश के प्रतिनिधि आयोजन का हिस्सा बनेंगे।
भारत की 15 सदस्यीय टीम में इन खिलाड़ियों के नाम
भारत की घोषित टीम में निम्नलिखित 15 खिलाड़ियों को शामिल किया गया है:
1. संजू सैमसन
2. अक्षर पटेल
3. कुलदीप यादव
4. श्रेयस अय्यर
5. ईशान किशन
6. शिवम दुबे
7. अभिषेक शर्मा
8. अर्शदीप सिंह
9. तिलक वर्मा
10. रवि बिश्नोई
11. नितीश कुमार रेड्डी
12. मयंक यादव
13. नमन धीर
14. प्रिंस यादव
15. वैभव सूर्यवंशी
होलकर स्टेडियम के बाहर सजीं क्रिकेट सामग्री की दुकानें
मैच से पहले स्टेडियम के आसपास टीम इंडिया की जर्सी, टी-शर्ट और कैप बेचने वाली दुकानें सज गई हैं। फुटपाथ पर लगी इन दुकानों पर क्रिकेट प्रशंसक खरीदारी के लिए पहुंच रहे हैं।
मुकाबले को लेकर शहर में क्रिकेट का माहौल बनने लगा है। खिलाड़ियों की सुरक्षा और दर्शकों की सुविधाओं के लिए आयोजन से जुड़े विभाग भी अपनी तैयारियों में जुटे हैं।
30 हजार दर्शकों की क्षमता, 1990 में हुई थी स्थापना
होलकर स्टेडियम का नाम मराठा होलकर राजवंश के नाम पर रखा गया है। इसकी स्थापना 1990 में हुई थी। मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन यानी एमपीसीए के स्वामित्व और संचालन वाले इस मैदान में करीब 30 हजार दर्शकों के बैठने की क्षमता है।
फ्लडलाइट्स और जल निकासी की व्यवस्था इसे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए उपयोगी मैदान बनाती है। यहां अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के साथ घरेलू क्रिकेट के मैच भी आयोजित होते रहे हैं।
भारत और न्यूजीलैंड के बीच 2016 में इस मैदान पर पहला टेस्ट मैच खेला गया था। इसके साथ होलकर स्टेडियम भारत का 22वां टेस्ट स्थल बना। 2017 में यहां भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच वनडे और भारत-श्रीलंका के बीच टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले भी आयोजित हुए।
वीरेंद्र सहवाग के 219 रन से जुड़ा है मैदान का इतिहास
होलकर स्टेडियम बड़े व्यक्तिगत स्कोर और अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों का गवाह रहा है। दिसंबर 2011 में वीरेंद्र सहवाग ने वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे मैच में 219 रन बनाए थे। उस समय यह वनडे क्रिकेट का दूसरा दोहरा शतक था। बाद में रोहित शर्मा ने 264 रन की पारी खेलकर वनडे में सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर का रिकॉर्ड बनाया।
इस मैदान पर पहला आईपीएल मुकाबला 13 मई 2011 को खेला गया था। 2017 में किंग्स इलेवन पंजाब ने होलकर स्टेडियम को अपने घरेलू मैदानों में शामिल किया। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और आईपीएल मुकाबलों की मेजबानी ने इसे इंदौर की क्रिकेट पहचान का अहम हिस्सा बनाया है।
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