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एशिया कप जीतने के बाद भारत ने क्यों नहीं ली ट्रॉफी? नकवी से जुड़े फैसले ने बढ़ाई प्रेजेंटेशन की चर्चा

14 सित, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
एशिया कप जीतने के बाद भारत ने क्यों नहीं ली ट्रॉफी? नकवी से जुड़े फैसले ने बढ़ाई प्रेजेंटेशन की चर्चा
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भारत ने श्रीलंका को 72 रन से हराकर विमेंस एशिया कप का खिताब अपने नाम कर लिया। यह टीम इंडिया की टूर्नामेंट में 8वीं खिताबी जीत है। मैच के बाद ट्रॉफी प्रेजेंटेशन में भारतीय खिलाड़ियों ने एशियन क्रिकेट काउंसिल के प्रेसिडेंट और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन मोहसिन नकवी से ट्रॉफी स्वीकार नहीं की।


फाइनल के दौरान मैदान पर क्रिकेट से इतर भी माहौल चर्चा में रहा। दर्शकों के एक वर्ग ने नकवी को ‘चोर’ कहकर नारे लगाए। नकवी पाकिस्तान सरकार में गृह मंत्री भी हैं और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत विरोधी बयान देने के कारण भारतीय टीम के ट्रॉफी लेने से जुड़े विवाद में पहले भी रहे हैं।


भारत ने फाइनल में दर्ज की बड़ी जीत

श्रीलंका के खिलाफ फाइनल में 72 रन की जीत के साथ भारत ने एशिया कप अपने नाम किया। टूर्नामेंट के दौरान भारतीय टीम की बल्लेबाजी भी प्रभावी रही। टीम ने पूरे प्रतियोगिता में कुल 32 छक्के लगाए, जो सभी टीमों में सबसे ज्यादा रहे।


स्मृति-शेफाली की रिकॉर्ड साझेदारी

फाइनल में स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने अहम भूमिका निभाई। दोनों के बीच हुई साझेदारी ने विमेंस एशिया कप के इतिहास में नया रिकॉर्ड बनाया। यह साझेदारी टूर्नामेंट के इतिहास में किसी भी टीम की सबसे बड़ी साझेदारी रही।


प्रेजेंटेशन में क्यों नहीं ली ट्रॉफी?

खिताब जीतने के बाद ट्रॉफी देने के लिए एशियन क्रिकेट काउंसिल के प्रेसिडेंट और PCB चेयरमैन मोहसिन नकवी मौजूद थे। भारतीय महिला टीम ने उनके हाथों ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया।


नकवी की भूमिका केवल क्रिकेट प्रशासन तक सीमित नहीं है। वह पाकिस्तान सरकार में गृह मंत्री भी हैं।


ऑपरेशन सिंदूर के बाद शुरू हुआ था विवाद

मोहसिन नकवी ने ऑपरेशन सिंदूर के समय भारत विरोधी बयान दिए थे। इसी वजह से 2025 में भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम ने भी उनके हाथों ट्रॉफी लेने से इनकार किया था। विमेंस टीम ने भी इसी रुख को बरकरार रखा और प्रेजेंटेशन के दौरान नकवी से ट्रॉफी स्वीकार नहीं की।


कोच अमोल मजूमदार ने क्या कहा?

फाइनल के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय महिला टीम के हेड कोच अमोल मजूमदार ने कहा कि ट्रॉफी लेने से जुड़ा निर्णय BCCI का था और टीम इस फैसले के साथ खड़ी है। उन्होंने टीम की उपलब्धि पर संतोष जताते हुए कहा कि टूर्नामेंट उनके लिए समाप्त हो चुका है और अब ध्यान एशियाई खेलों पर है। मजूमदार ने खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के प्रदर्शन पर भी गर्व जताया।


BCCI ने रखे थे दो विकल्प

BCCI सचिव देवजीत सैकिया के अनुसार भारतीय टीम नकवी से ट्रॉफी लेने के पक्ष में नहीं थी। बोर्ड ने प्रेजेंटेशन सेरेमनी को लेकर दो वैकल्पिक व्यवस्थाएं सुझाई थीं।

  1. पहला विकल्प: ACC के डिप्टी चेयरमैन खालिद अल जरूनी भारतीय टीम को ट्रॉफी सौंपते।

  2. दूसरा विकल्प: हाल की परंपरा के मुताबिक विजेता टीम को उसके बोर्ड के प्रतिनिधि के हाथों ट्रॉफी दिलाई जाती।


सैकिया के मुताबिक दोनों विकल्पों को नकवी ने मंजूरी नहीं दी। इसके बाद भारतीय टीम ने नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार किया।


फैंस ने नकवी को ‘चोर’ कहा

प्रेजेंटेशन के दौरान स्टेडियम में मौजूद कुछ प्रशंसकों ने मोहसिन नकवी को ‘चोर’ कहकर चिढ़ाया। ट्रॉफी सेरेमनी का यह हिस्सा भी फाइनल के बाद चर्चा में रहा।


भारत की टीम ने खिताब अपने नाम किया, लेकिन प्रेजेंटेशन में ट्रॉफी किसके हाथों से ली जाएगी, यह मुद्दा समारोह का प्रमुख घटनाक्रम बन गया।

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