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Rinku Singh Comeback: पिता के निधन के बाद टीम इंडिया से फिर जुड़ेंगे रिंकू, वेस्टइंडीज के खिलाफ ‘करो या मरो’ मुकाबले से पहले बड़ी खबर
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Rinku Singh Comeback: पिता के निधन के बाद टीम इंडिया से फिर जुड़ेंगे रिंकू, वेस्टइंडीज के खिलाफ ‘करो या मरो’ मुकाबले से पहले बड़ी खबर
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भारतीय क्रिकेट फैंस के लिए भावनात्मक और अहम खबर सामने आई है। पिता के निधन के बाद स्वदेश लौटे रिंकू सिंह अब फिर से टीम इंडिया के साथ जुड़ने जा रहे हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ सुपर-8 के निर्णायक मुकाबले से पहले उनका टीम में शामिल होना भारतीय खेमे के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।


BCCI ने की पुष्टि

Board of Control for Cricket in India (BCCI) के सचिव देवजीत सैकिया ने न्यूज एजेंसी PTI को बताया कि रिंकू शनिवार को टीम से जुड़ेंगे। रिंकू को पिता के अंतिम संस्कार के लिए अचानक अलीगढ आना पड़ा था। शुक्रवार को उनके पिता खानचंद सिंह का 60 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वे चौथे स्टेज के लिवर कैंसर से जूझ रहे थे।


चेन्नई से अलीगढ़ और फिर टीम इंडिया तक

रिंकू चेन्नई से सीधे अलीगढ़ पहुंचे थे ताकि अपने पिता को अंतिम विदाई दे सकें। इससे पहले भी जब उनके पिता अस्पताल में भर्ती थे, तब वे प्रैक्टिस सेशन छोड़कर उनसे मिलने पहुंचे थे। बताया जाता है कि अस्पताल में करीब छह घंटे पिता के साथ बिताने के बाद उन्होंने कहा था कि 26 फरवरी को जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच है और उन्हें देश के लिए खेलना होगा। पिता ने सिर पर हाथ रखकर उन्हें आशीर्वाद दिया और ऊंचाइयों तक पहुंचने की कामना की। यही भावनात्मक पल अब सोशल मीडिया पर भी चर्चा में है।


क्यों अहम है वेस्टइंडीज के खिलाफ मैच?

कोलकाता के Eden Gardens में खेला जाने वाला यह मुकाबला वर्चुअल नॉकआउट माना जा रहा है। यह सुपर-8 चरण का मैच है। जीतने वाली टीम ग्रुप-1 से South Africa के साथ सेमीफाइनल में पहुंचेगी। हारने वाली टीम का सफर यहीं खत्म हो सकता है। ऐसे दबाव भरे मुकाबले में रिंकू की वापसी टीम संतुलन के लिहाज से महत्वपूर्ण है।


टूर्नामेंट में अब तक कैसा रहा प्रदर्शन?

यह रिंकू का पहला टी-20 वर्ल्ड कप है। पिछली बार वे ट्रैवलिंग रिजर्व के तौर पर शामिल थे और प्लेइंग इलेवन में मौका नहीं मिला था। इस टूर्नामेंट में उन्होंने अब तक 5 पारियों में 24 रन बनाए हैं। भले ही आंकड़े बड़े न हों, लेकिन रिंकू अपनी फिनिशिंग क्षमता और बड़े शॉट खेलने की योग्यता के लिए जाने जाते हैं।


जब दुख के बीच भी मैदान में उतरे दिग्गज

क्रिकेट इतिहास में कई ऐसे उदाहरण हैं जब खिलाड़ियों ने निजी शोक के बावजूद देश के लिए खेलना चुना।


1. Sachin Tendulkar

1999 Cricket World Cup के दौरान उनके पिता का निधन हुआ था। अंतिम संस्कार के बाद वे इंग्लैंड लौटे और केन्या के खिलाफ नाबाद 140 रन बनाकर शतक पिता को समर्पित किया।


2. Virat Kohli

2006 में रणजी ट्रॉफी मैच के दौरान उनके पिता का निधन हुआ। अगले दिन वे दिल्ली की ओर से बल्लेबाजी करने उतरे और 90 रन बनाए। यह घटना उनके करियर की सबसे प्रेरणादायक कहानियों में गिनी जाती है।


रिंकू की मौजूदा स्थिति भी कुछ वैसी ही भावनात्मक मजबूती की मांग कर रही है।

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