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‘विफलताएं होंगी तो हों, लेकिन डर नहीं!’— गौतम गंभीर ने दी सूर्यकुमार यादव को खुली छूट, बोले- हमारा मकसद ‘सबसे निडर टीम’ बनना है
28 अक्टू, 2025 0 व्यूज 4 मिनट पढ़ाई
‘विफलताएं होंगी तो हों, लेकिन डर नहीं!’— गौतम गंभीर ने दी सूर्यकुमार यादव को खुली छूट, बोले- हमारा मकसद ‘सबसे निडर टीम’ बनना है

‘विफलताएं होंगी तो हों, लेकिन डर नहीं!’— गौतम गंभीर ने दी सूर्यकुमार यादव को खुली छूट, बोले- हमारा मकसद ‘सबसे निडर टीम’ बनना है

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव की खराब फॉर्म को लेकर अपनी राय रखी है। उन्होंने कहा कि जब टीम “बहुत आक्रामक क्रिकेट” खेलती है तो विफलताएं स्वाभाविक हैं, लेकिन यही रवैया भारत को सबसे निडर टीम बनाता है। हालांकि सूर्या की बल्लेबाजी फॉर्म कुछ समय से सुर्खियों में है — उन्होंने पिछली 12 टी20 पारियों में सिर्फ 113 रन बनाए हैं, लेकिन कोच गंभीर इस पर परेशान नहीं हैं।


30 गेंदों में 40 बनाना आसान, लेकिन हम निडर क्रिकेट चाहते हैं”

गंभीर ने ‘जियो हॉटस्टार’ पर कहा, “सूर्यकुमार की बल्लेबाजी फॉर्म से मैं चिंतित नहीं हूं क्योंकि हमने अपने ड्रेसिंग रूम में बहुत अधिक आक्रामक रवैया अपनाया है। जब आप इस सोच को अपनाते हैं तो विफलताएं होती हैं।” उन्होंने आगे कहा, “सूर्या के लिए 30 गेंदों पर 40 रन बनाना और आलोचना से बचना आसान होता, लेकिन हमने तय किया है कि अगर हम इस तरीके से विफल होते हैं, तो भी कोई दिक्कत नहीं है।”


सूर्या के संघर्ष के बीच नए चेहरों ने दिखाई चमक

जब सूर्यकुमार रन बनाने के लिए जूझ रहे थे, तब अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा जैसे युवा बल्लेबाजों ने एशिया कप में धूम मचा दी। गंभीर ने कहा, “अभी अभिषेक अच्छी फॉर्म में हैं, उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में स्थिरता दिखाई। जब सूर्या लय में आएंगे, तो वे भी अपनी जिम्मेदारी उसी तरह निभाएंगे।”


“हम रनों पर नहीं, खेलने की शैली पर ध्यान देते हैं”

गंभीर ने कहा कि टीम का फोकस व्यक्तिगत आंकड़ों पर नहीं बल्कि खेलने की शैली पर है। “टी20 क्रिकेट में रन से ज्यादा मायने रखता है प्रभाव। हमारी आक्रामक शैली में खिलाड़ी अधिक बार असफल हो सकते हैं, लेकिन यही हमें दूसरों से अलग बनाता है।”

उन्होंने सूर्या के साथ अपने रिश्ते पर कहा — “सूर्यकुमार एक शानदार इंसान हैं, और अच्छे इंसान अच्छे लीडर बनते हैं। मेरा काम बस उन्हें सही दिशा में सलाह देना है। आखिरकार यह उनकी टीम है।”


“मेरा मकसद सबसे सफल नहीं, बल्कि सबसे निडर टीम बनाना है”

गंभीर ने साफ कहा कि उन्हें सफलता का नहीं, साहस का रिकॉर्ड चाहिए। “हमारी पहली बातचीत से ही तय था कि हमें हारने का डर नहीं होगा। मेरा मकसद सबसे सफल कोच बनना नहीं है, बल्कि सबसे निडर टीम बनाना है।”

उन्होंने आगे कहा, “एशिया कप फाइनल में मैंने खिलाड़ियों से कहा था— कैच छूट जाए या खराब शॉट लगे, कोई बात नहीं। बस मैदान पर निडर रहो। सिर्फ ड्रेसिंग रूम के लोगों की राय मायने रखती है।”


पाकिस्तान को हराकर जीता एशिया कप, अब नजर वर्ल्ड कप पर

भारत ने फाइनल में पाकिस्तान को हराकर एशिया कप जीता, जिससे टीम का मनोबल ऊंचा है। गंभीर ने कहा कि “मैच जितना बड़ा होगा, हमें उतना ही आक्रामक होना चाहिए।” उनके मुताबिक, संकीर्ण सोच से सिर्फ विरोधी टीम को फायदा होता है — जबकि भारत के पास प्रतिभा और निडरता दोनों हैं।

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