
क्रिकेट फैंस के दिल में इन दिनों दो सवाल घूम रहे हैं—एक, टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब कौन जीतेगा और दूसरा, 2027 के वनडे वर्ल्ड कप में क्या रोहित शर्मा और विराट कोहली खेलेंगे? इसी बीच जब ये सवाल भारत के सबसे सफल कप्तानों में से एक महेंद्र सिंह धोनी से पूछा गया, तो उनका जवाब सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया।
“उम्र नहीं, प्रदर्शन और फिटनेस मायने रखती है” – धोनी
एक कार्यक्रम के दौरान धोनी से पूछा गया कि क्या 2027 वर्ल्ड कप में रोहित शर्मा और विराट कोहली को मौका मिलना चाहिए? इस पर माही ने बेबाक अंदाज़ में कहा – “क्यों नहीं… टीम में चयन का पैमाना उम्र नहीं, बल्कि प्रदर्शन और फिटनेस होना चाहिए।” धोनी ने आगे कहा कि अगर कोई खिलाड़ी फिट है और लगातार अच्छा खेल रहा है, तो उसे सिर्फ उम्र के आधार पर बाहर नहीं किया जा सकता।
“अनुभव कैसे मिलेगा, अगर सीनियर्स को ही बाहर कर देंगे?”
धोनी ने इस सोच पर भी सवाल उठाया कि उम्र के कारण खिलाड़ियों को रिटायर कर देना चाहिए। उन्होंने कहा, “अगर कोई 30 या 35 साल का है और अच्छा परफॉर्म कर रहा है, देश के लिए खेलने की भूख है, तो उसे क्यों रोका जाए? अनुभवी खिलाड़ी टीम के लिए जरूरी होते हैं।” माही ने साफ किया कि 20 साल के खिलाड़ी से हर बार सचिन जैसा प्रदर्शन नहीं मांगा जा सकता, इसलिए अनुभव और निरंतरता बेहद अहम है।
रोहित–कोहली का बल्ला अभी भी गरज रहा है
हालिया सीरीजों में दोनों दिग्गजों ने साबित कर दिया है कि उनका फॉर्म आज भी लाजवाब है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज में रोहित शर्मा ने बेहतरीन बल्लेबाज़ी की, विराट कोहली ने तीसरे वनडे में 74 रन बनाए। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ कोहली ने 2 शतक और 1 अर्धशतक ठोका न्यूजीलैंड और विजय हजारे ट्रॉफी में भी दोनों का बल्ला खूब बोला। इन आंकड़ों के बाद उन्हें टीम से बाहर करना किसी के लिए भी आसान फैसला नहीं होगा।
2027 वर्ल्ड कप अभी दूर, लेकिन बहस शुरू
भले ही 2027 वर्ल्ड कप में अभी एक साल से ज़्यादा समय बाकी है, लेकिन रोहित–कोहली के भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज़ हो चुकी हैं। धोनी का बयान इन चर्चाओं को और हवा दे रहा है।
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