
नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट का रोमांच सिर्फ मैदान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी नया इतिहास बन गया। कोलंबो में खेले गए हाई-वोल्टेज मुकाबले ने ऑनलाइन व्यूअरशिप के पुराने रिकॉर्ड तोड़ते हुए टी20 वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा देखे जाने वाले मैच का दर्जा हासिल कर लिया। 15 फरवरी को कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में हुए इस मुकाबले को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर करीब 16.3 करोड़ यूजर्स ने देखा। कुल वॉच टाइम 20 अरब मिनट तक पहुंच गया, जो किसी भी टी20 ICC इवेंट के एक मैच के लिए अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा माना जा रहा है। यह मुकाबला सिर्फ लीग स्टेज का ही नहीं, बल्कि पूरे टूर्नामेंट के सबसे ज्यादा मोबाइल व्यूअरशिप वाले मैचों में शामिल हो गया। पिछले संस्करण की तुलना में कुल वॉच टाइम में 42% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि 2024 के भारत-पाक मैच से डिजिटल रीच 56% ज्यादा रही।
फाइनल से भी आगे निकला लीग मैच
दिलचस्प बात यह रही कि इस मैच ने 2024 टी20 वर्ल्ड कप फाइनल की डिजिटल पहुंच को भी पीछे छोड़ दिया। उस फाइनल में भारत और दक्षिण अफ्रीका आमने-सामने थे, लेकिन भारत-पाक मुकाबले की लोकप्रियता ने साबित कर दिया कि यह प्रतिद्वंद्विता दर्शकों के लिए अलग ही मायने रखती है। जियोहॉटस्टार के अधिकारियों ने भी इसे टी20 क्रिकेट के प्रति दर्शकों के जुनून का बड़ा संकेत बताया। उनके मुताबिक, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्शकों की भागीदारी लगातार नए स्तर पर पहुंच रही है।
मैदान पर भी भारत का दबदबा कायम
मैदान के अंदर भी भारत ने जीत दर्ज करते हुए टी20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के खिलाफ अपना रिकॉर्ड 8-1 कर लिया है। इस जीत के साथ टीम इंडिया सुपर-8 चरण में पहुंच गई है, जहां उसे खिताब बचाने की चुनौती का सामना करना होगा।
सुपर-8 स्टेज का पूरा गणित समझिए
सुपर-8 राउंड में कुल 8 टीमें दो ग्रुप में बांटी जाएंगी। हर ग्रुप में चार-चार टीमें होंगी और सभी टीमें आपस में तीन-तीन मैच खेलेंगी।
शेड्यूल की खास बातें
दोनों ग्रुप मिलाकर कुल 12 मुकाबले होंगे।
22 और 26 फरवरी के साथ 1 मार्च को डबल हेडर (एक दिन में दो मैच) खेले जाएंगे।
20 से 28 फरवरी के बीच बाकी दिनों में एक-एक मुकाबला होगा।
4 मार्च और 5 मार्च को सेमीफाइनल होंगे, जबकि फाइनल 8 मार्च को खेला जाएगा।
अगर पाकिस्तान नॉकआउट चरण तक पहुंचता है तो उसके सभी मैच कोलंबो में आयोजित किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
क्यों खास है यह रिकॉर्ड?
क्रिकेट एक्सपर्ट्स मानते हैं कि भारत-पाक मुकाबले की लोकप्रियता सिर्फ खेल तक सीमित नहीं रहती, बल्कि यह दोनों देशों के दर्शकों, सोशल मीडिया और ग्लोबल फैनबेस को जोड़ती है। मोबाइल इंटरनेट की बढ़ती पहुंच और लाइव स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स के विस्तार ने इस बार व्यूअरशिप को नए स्तर पर पहुंचा दिया।
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