
शनिवार को भारत और साउथ अफ्रीका के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का फाइनल मुकाबला एसीए-वीडीसीए स्टेडियम में खेला जाएगा और यहां कहानी का हीरो होगा—टॉस। जो कैप्टन सिक्का जीतेगा, सीरीज की ट्रॉफी उसी के करीब पहुंचती दिख सकती है।
सीरीज बराबरी पर, अब फाइनल फाइट
पहला वनडे भारत ने 17 रन से जीता था, जबकि दूसरा मुकाबला साउथ अफ्रीका ने अपने नाम किया। अब तीसरा मैच सीरीज का निर्णायक है—जो जीता, वही विजेता।
क्या कहता है विशाखापत्तनम का मैदान?
इस मैदान पर ओस का खेल सबसे बड़ा फैक्टर बन रहा है। वुमेंस वर्ल्ड कप 2025 के यहां खेले गए 5 मुकाबलों में सभी मैच दूसरी पारी में बल्लेबाजी करने वाली टीमों ने जीते। ऑस्ट्रेलिया महिला टीम यहां 331 रन का लक्ष्य तक चेज़ कर चुकी है। यानी टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करना यहां सोने पर सुहागा समझा जाता है।
टॉस का ट्रेंड: टीम इंडिया बदलेगी किस्मत?
वनडे क्रिकेट में टीम इंडिया लगातार 20 टॉस हार चुकी है। इस बार कहानी पलटने की उम्मीद है। हालांकि टॉस कॉल साउथ अफ्रीका के कप्तान टेम्बा बावुमा करेंगे। ऐसे में भारतीय कप्तान केएल राहुल किस्मत आजमाते दिखेंगे—और फैंस दुआ करेंगे कि सिक्का इस बार नीला रंग चुने।
भारत की ताकत और टेंशन—दोनों साफ
बैटिंग: टॉप ऑर्डर दमदार
रोहित शर्मा, विराट कोहली, ऋतुराज गायकवाड़ और केएल राहुल ने रन बनाए हैं, लेकिन इनके अलावा मिडिल ऑर्डर संघर्ष करता दिखा है। यशस्वी जायसवाल और वाशिंगटन सुंदर अभी तक प्रभाव नहीं छोड़ पाए हैं।
बॉलिंग: बड़ी चिंता
पिछले मैच में भारत 358 रन भी डिफेंड नहीं कर पाया। गेंदबाजों ने जमकर रन लुटाए हैं और डेथ ओवर्स सबसे बड़ी परेशानी बने।
साउथ अफ्रीका की प्लानिंग: चेज़ ही जीत का मंत्र
साउथ अफ्रीका जानता है कि यहां दूसरी पारी में बैटिंग फायदेमंद रहती है। कप्तान बावुमा टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला ले सकते हैं, ताकि ओस का फायदा उठाया जा सके।
दोनों टीमों की संभावित रणनीति
भारत: टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी, फिर बड़े लक्ष्य का पीछा।
साउथ अफ्रीका: वही फार्मूला—ओस के साथ बल्लेबाजों पर भरोसा।
टीम इंडिया (वनडे सीरीज स्क्वाड)
रोहित शर्मा, यशस्वी जायसवाल, विराट कोहली, ऋतुराज गायकवाड़, केएल राहुल (कप्तान और विकेटकीपर), वाशिंगटन सुंदर, रवींद्र जडेजा, हर्षित राणा, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा, ऋषभ पंत, तिलक वर्मा, ध्रुव जुरेल, नीतीश कुमार रेड्डी।
साउथ अफ्रीका (वनडे सीरीज स्क्वाड)
एडेन मार्करम, क्विंटन डी कॉक (विकेटकीपर), टेम्बा बावुमा (कप्तान), मैथ्यू ब्रीत्ज़के, देवाल्ड ब्रेविस, टोनी डी जोरजी, मार्को जानसेन, कॉर्बिन बॉश, केशव महाराज, नंद्रे बर्गर, लुंगी एनगिडी, रयान रिकल्टन, ओटनील बार्टमैन, रुबिन हरमन, प्रेनेलन सुब्रायन।
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