
जो भारतीय टीम कभी घरेलू मैदान पर अजेय मानी जाती थी, वही अब टेस्ट क्रिकेट में दरारों से भरी कांच की दीवार की तरह ढह रही है। गुवाहाटी टेस्ट के आखिरी दिन 549 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम इंडिया 140 पर सिमट गई—और साउथ अफ्रीका ने 408 रन के विशाल अंतर से मैच जीतकर भारत को 2-0 से क्लीन स्वीप कर दिया। यह हार सिर्फ एक हार नहीं, बल्कि 93 साल के टेस्ट इतिहास की सबसे शर्मनाक घरेलू हार बन गई—पहली बार भारत 400+ रन के अंतर से हारा है।
7 घरेलू टेस्ट में 5 हार — एक साल में दूसरी बार क्लीन स्वीप
पिछले 12–13 महीनों में भारतीय टेस्ट टीम का हाल बदहाली से भी बदतर हो चुका है। भारत ने पिछले एक साल में घर में तीन टेस्ट सीरीज खेली —
भारत vs न्यूजीलैंड : 0-3 (क्लीन स्वीप)
भारत vs वेस्टइंडीज : 2-0
भारत vs साउथ अफ्रीका : 0-2 (क्लीन स्वीप)
यानी पिछले 7 घरेलू टेस्ट में 5 हार
घर में कभी अजेय मानी जाने वाली भारतीय टीम अब घरेलू टेस्ट में सबसे कमजोर टीमों में शामिल हो चुकी है।
पाकिस्तान ने भी भारत से बेहतर खेला
भारत की निराशाजनक फॉर्म का अंदाज़ा इससे लगाया जा सकता है कि पिछले 13 महीनों में पाकिस्तान का घरेलू प्रदर्शन भी भारत से बेहतर रहा है। पाकिस्तान ने अपने घर में 7 मैच खेले जिसमें से 4 में यूज़ जीत मिली और 3 में हार, वहीं भारत ने अपने घरेलु मैदान पर 7 में से सिर्फ 2 हे मैच जीते, जबकि 5 मैचों में उसे हार का सामना करना पड़ा। जिस साउथ अफ्रीका ने भारत को आज धोकर रख दिया, उसी के खिलाफ पाकिस्तान ने पिछले महीने 1-1 से सीरीज ड्रॉ की थी।
भारत क्यों गिरा? 3 बड़ी वजहें…
1️⃣ गौतम गंभीर की रणनीति असर नहीं दिखा रही
गौतम गंभीर के हेड कोच बनने के बाद टेस्ट परफॉर्मेंस लगातार नीचे गया है। स्पेशलिस्ट बैट्समेन की जगह ऑलराउंडर्स को तरजीह दे रहे हैं—और वही ऑलराउंडर न बैटिंग में टिक पा रहे, न बॉलिंग में फर्क ला पा रहे हैं। साउथ अफ्रीका के दोनों टेस्ट में भारत ने सिर्फ 3 स्पेशलिस्ट बल्लेबाज उतारे — और बैटिंग लाइनअप बिखर गई।
2️⃣ युवा खिलाड़ियों की नाकामी
यशस्वी जायसवाल, नीतीश रेड्डी, साई सुदर्शन, ध्रुव जुरेल और वॉशिंगटन सुंदर जैसे युवा खिलाड़ी मौके नहीं भुना पाए।
➡️ यशस्वी — पिछली 4 पारियों में से 3 में 20 से कम
➡️ साई सुदर्शन — 15 और 14 रन
➡️ जुरेल, सुंदर, रेड्डी — निरंतरता नहीं
टीम मैच जिताने वाला खिलाड़ी ढूंढ ही नहीं पा रही।
3️⃣ न पेस खेल पा रहे, न स्पिन
भारतीय बल्लेबाजों की सबसे बड़ी समस्या — तेज गेंदबाजी और स्पिन दोनों के सामने संघर्ष।
साउथ अफ्रीका सीरीज में भारत ने
▶ 38 विकेट गंवाए
▪ 13 पेस के खिलाफ
▪ 25 स्पिन के खिलाफ
गर्दन की ऐंठन के कारण शुभमन गिल दोनों पारियों में नहीं खेले और बैटिंग लाइनअप पूरी तरह ढह गया।
पिछले 1 साल में घरेलू विकेटों का विश्लेषण
▪ कुल गंवाए विकेट — 280
▪ पेसर्स — 182
▪ स्पिनर्स — 97
भारत अपने ही घर में पेसरों और स्पिनरों दोनों के सामने टिक नहीं पा रहा।
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