भारत के महान पूर्व फॉरवर्ड तुलसीदास बलराम का गुरुवार को कोलकाता में निधन हो गया। अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) ने शोक जताया है। तुलसीदास बलराम 1950 और 1960 के दशक में भारतीय फुटबॉल की स्वर्णिम समय के एक प्रमुख सदस्य थे। गुरुवार को पश्चिम बंगाल के उत्तरपाड़ा में रहने वाले बलराम का कोलकाता के एक शहर के अस्पताल में निधन हो गया। वह 85 वर्ष के थे।
तुलसीदास बलराम उत्तरपारा में हुगली नदी के किनारे एक फ्लैट में रहते थे। कोलकाता 1957 से उनका गोद लिया हुआ घर था। हालत बिगड़ने के बाद से वह आईसीयू में थे। पेशाब के संक्रमण और पेट संबंधित बीमारी के लिए उपचार किया जा रहा था। परिवार के एक करीबी सूत्र ने बताया, ‘उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ और गुरुवार दोपहर करीब दो बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।’ साल 2021 में भी उनके ब्रेन से खून का थक्का निकाला गया था।
1950 और 1960 के दशक में भारतीय फुटबॉल की सुनहरी पीढ़ी का हिस्सा रहे बलराम चुन्नी गोस्वामी और पीके बनर्जी जैसे दिग्गजों के साथ खेलते थे। उन्हें (चुन्नी गोस्वामी, पीके बनर्जी और तुलसीदास बलराम) ‘होली ट्रिनिटी’ (त्रिमूर्ति) के नाम से पुकारा जाता था।
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