
नई दिल्ली। टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप स्टेज में शानदार प्रदर्शन करने वाली टीम इंडिया अब सुपर-8 राउंड में प्रवेश कर चुकी है। यहां भारत के सामने साउथ अफ्रीका, वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे जैसी मजबूत टीमें होंगी। खास बात यह है कि इस ग्रुप की चारों टीमें अपने-अपने ग्रुप में टॉप पर रही हैं, इसलिए मुकाबले और भी रोमांचक होने वाले हैं।
भारत बनाम साउथ अफ्रीका: पुराने रिकॉर्ड से मिलेगी उम्मीद
पिछले मुकाबलों में भारत का पलड़ा भारी
सुपर-8 में भारत की पहली भिड़ंत 22 फरवरी को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में साउथ अफ्रीका से होगी। हाल के टी-20 रिकॉर्ड पर नजर डालें तो टीम इंडिया ने पिछले कुछ समय में प्रोटियाज टीम पर दबदबा बनाया है। टी-20 वर्ल्ड कप इतिहास में भी भारत ने ज्यादा मैच जीते हैं और 2024 के फाइनल सहित कई बड़े मुकाबलों में साउथ अफ्रीका को हराया है। पिछले वर्ल्ड कप के बाद दोनों टीमों के बीच खेले गए मैचों में भी भारत की जीत का प्रतिशत ज्यादा रहा है, जिससे भारतीय फैंस को सकारात्मक संकेत मिलते हैं।
भारत बनाम जिम्बाब्वे: एक हार ने बढ़ाई सतर्कता
चैंपियन बनने के बाद मिली थी करारी टक्कर
26 फरवरी को चेन्नई के चेपॉक स्टेडियम में भारत और जिम्बाब्वे आमने-सामने होंगे। आंकड़ों के लिहाज से जिम्बाब्वे के खिलाफ भारत का रिकॉर्ड मजबूत है, लेकिन 2024 में वर्ल्ड कप जीतने के बाद हुई सीरीज में जिम्बाब्वे ने पहले ही मैच में भारत को हराकर चौंका दिया था। हालांकि पूरी सीरीज भारत ने 4-1 से जीती, फिर भी उस हार ने दिखा दिया कि सुपर-8 में कोई भी टीम हल्के में लेने लायक नहीं है।
भारत बनाम वेस्टइंडीज: पुरानी यादें और बड़ा हिसाब
वर्ल्ड कप में विंडीज का रिकॉर्ड बेहतर
भारत का आखिरी सुपर-8 मुकाबला 1 मार्च को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में वेस्टइंडीज से होगा। टी-20 क्रिकेट में भारत का ओवरऑल रिकॉर्ड अच्छा है, लेकिन वर्ल्ड कप इतिहास में विंडीज कई बार भारत पर भारी पड़ा है। खासतौर पर 2016 के सेमीफाइनल में मिली हार आज भी फैंस को याद है, जब वेस्टइंडीज ने आखिरी ओवरों में मैच पलट दिया था। इसलिए यह मुकाबला सिर्फ अंक तालिका ही नहीं, बल्कि पुराने हिसाब चुकाने का मौका भी होगा।
सुपर-8 ग्रुप क्यों है सबसे कठिन?
ग्रुप स्टेज के बाद सुपर-8 में बनी भारत की ग्रुप-1 को ‘ग्रुप ऑफ डेथ’ कहा जा सकता है। चारों टीमें अपने-अपने ग्रुप में बिना हारे यहां पहुंची हैं। दूसरी ओर दूसरे ग्रुप में शामिल टीमों को ग्रुप स्टेज में कम से कम एक हार मिली थी। इसका मतलब साफ है — भारत को सेमीफाइनल की राह आसान नहीं मिलने वाली।
बैटिंग में ईशान किशन और सूर्यकुमार का जलवा
टीम इंडिया के बल्लेबाजों ने अब तक टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया है।
ईशान किशन 176 रन के साथ भारत के टॉप स्कोरर हैं और उनका स्ट्राइक रेट 200 से ऊपर रहा है।
सूर्यकुमार यादव ने 162 रन बनाए हैं और एक मैच में 84 रन की मैच विनिंग पारी खेली।
शिवम दुबे ने भी तेज बल्लेबाजी से मिडिल ऑर्डर को मजबूती दी है।
गेंदबाजी में वरुण चक्रवर्ती का दबदबा
भारतीय गेंदबाजी यूनिट भी मजबूत नजर आ रही है।
मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती 9 विकेट के साथ भारत के सबसे सफल गेंदबाज हैं और उनकी इकोनॉमी बेहद किफायती रही है।
अक्षर पटेल और हार्दिक पंड्या ने भी महत्वपूर्ण विकेट लेकर टीम को संतुलन दिया है।
बतादें सुपर-8 में टीम इंडिया के सामने आसान चुनौती नहीं है, क्योंकि तीनों विरोधी टीमें फॉर्म में हैं और अपने-अपने ग्रुप की टॉपर रही हैं। फिर भी हालिया रिकॉर्ड, खिलाड़ियों की शानदार फॉर्म और संतुलित टीम कॉम्बिनेशन भारत को मजबूत दावेदार बनाते हैं। अगर टीम इंडिया शुरुआती मैचों में लय बनाए रखती है, तो सेमीफाइनल का रास्ता खुल सकता है।
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