मंगलवार, 31 मार्च 2026
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Chhattisgarh

जर्जर हो चुके 44 आंगनबाड़ी भवनों को ध्वस्त किया जाएगा, अनुमति दे दी गई है

10 सित, 20240 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
जर्जर आंगनबाड़ी केंद्र

जर्जर आंगनबाड़ी केंद्र

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डेस्क रिपोर्टर

 रायपुर।गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में जर्जर हो चुके ऐसे आंगनबाड़ी भवन जो मरम्मत योग्य नहीं हैं, उन्हें ध्वस्त (डिस्मेंटल) कराने के लिए राज्य शासन ने निर्देश दिए हैं। जिससे जर्जर भवनों से किसी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके। एकीकृत बाल विकास सेवा परियोजना मरवाही के प्रस्ताव पर विकासखंड के जर्जर हो चुके 44 आंगनबाड़ी भवनों को ध्वस्त करने के लिए न्यायालय अनुविभागीय दंडाधिकारी ने अनुमति दे दी है।

    आदेश में कहा गया है कि संयुक्त जांच दल की रिपोर्ट के अनुसार 44 आंगनबाड़ी भवनों को ध्वस्त करने के योग्य पाया गया। इन भवनों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 152 के तहत ध्वस्त करने की अनुमति प्रदान की गई है। ध्वस्तीकरण के बाद मलबा और अन्य सामग्री का निस्तारण संबंधित ग्राम पंचायत के खाते में राशि जमा नियमानुसार करेंगें।

    ध्वस्त करने योग्य आंगनबाड़ी भवनों में कुम्हारी, माड़ाकोट, मनौरा, मरवाही, गरलैयाटोला, परासी, भर्राटोला, ठिहाईटोला, धौराठी, नगदहराटोला, कांसबहरा, चलचली, तेंदूमुड़ा, केरहाटोला, धनौरा, गनया, चनाडोंगरी, चिनगीटोला, ठोढ़ीचुआ, छलकाटोला (करगीकला), चिल्हनटोला, मौहरीटोला, मढै़याटोला, चमरानटोला, पटौहाटोला, सत्तीटोला, बच्छाटोला, मासूलडांड़, झाड़ूटोला, निमधा, जरहाटोला, दरमोहली, मसूरीखार, कनईटोला, बरटोला, छलकाटोला (बगड़ी), अण्डी, गुड्डीटोला, डोंगरीटोला, चुरकीटोला, स्कूलपारा, खंता, धोबहर, छिंदीटोला शामिल हैं।

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