बुधवार, 01 अप्रैल 2026
Logo
Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ के स्कूलों में 9 हजार स्मार्ट क्लास और 22 हजार कंप्यूटर लगाए जाएंगे: गजेंद्र यादव

30 सित, 20250 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
Minister Gajendra Yadav

Minister Gajendra Yadav

Hitesh Kumar Singh
डेस्क रिपोर्टर
Hitesh Kumar Singh

रायपुर। राजधानी स्थित जेआर दानी शासकीय कन्या उत्कृष्ट हिंदी माध्यमिक विद्यालय में मंगलवार को 25वीं राज्य स्तरीय शाला क्रीड़ा प्रतियोगिता का समापन और पुरस्कार वितरण समारोह सम्पन्न हुआ। मुख्य अतिथि स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव रहे। उन्होंने राज्य के स्कूलों में 9 हजार स्मार्ट क्लास और 22 हजार कंप्यूटर लगाने की घोषणा की। 

मंत्री ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़ना समय की आवश्यकता है और सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठा रही है। स्मार्ट क्लास के माध्यम से विद्यार्थी डिजिटल कंटेंट, ई-लर्निंग मॉड्यूल, वीडियो लेक्चर और इंटरेक्टिव पढ़ाई का अनुभव प्राप्त कर सकेंगे। इससे कठिन विषयों को, सरल और रोचक तरीके से समझना आसान होगा। वहीं 22 हजार कंप्यूटरों की उपलब्धता से विद्यार्थियों को कंप्यूटर शिक्षा, इंटरनेट से जुड़ाव और डिजिटल स्किल विकसित करने का अवसर मिलेगा।

 

मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि यह पहल राज्य को डिजिटल एजुकेशन के क्षेत्र में नई ऊंचाई पर ले जाएगी। आने वाले समय में विद्यार्थी न केवल पढ़ाई में बल्कि तकनीक, नवाचार और कौशल विकास में भी आगे बढ़ पाएंगे। यह कदम राज्य के शिक्षा तंत्र को आधुनिक बनाने और विद्यार्थियों को भविष्य के लिए तैयार करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

 

जीतने वाले को अहंकार से दूर रहना चाहिए

स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि जीवन स्वयं एक खेल है जिसमें जीत और हार दोनों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि हारने वाले खिलाड़ी को कभी निराश नहीं होना चाहिए और जीतने वाले को अहंकार से दूर रहना चाहिए। मंत्री ने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी समान रुचि रखनी चाहिए, क्योंकि खेल हमें जीवन जीने का उत्साह और अनुशासन सिखाते हैं।  

 

खेल, विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, परिश्रम की भावना विकसित करते हैं:  टंक राम वर्मा

कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि शिक्षा का वास्तविक स्वरूप तभी पूर्ण होता है जब उसमें खेल, कला और संस्कृति का समावेश हो। उन्होंने कहा कि खेल विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, परिश्रम और सामूहिकता की भावना विकसित करते हैं। विधायक सुनील सोनी ने कहा कि संस्कारवान विद्यार्थी ही आदर्श नागरिक बन सकते हैं और संस्कारों के बल पर ही जीवन की कठिनाइयों का सामना संभव है। कलेक्टर गौरव सिंह ने परीक्षा परिणाम बेहतर बनाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी और विद्यार्थियों को उनमें सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।



पाठकों की राय (0)

इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

अपनी प्रतिक्रिया दें