
रायपुर। प्रदेश के नगरीय निकायों में अब स्ट्रीट लाइटिंग के कार्म पार्षद, अध्यक्ष और महापौर निधि से भी कराए जा सकेंगे। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने इन निधियों से किए जाने वाले कार्यों की सूची में यह प्रावधान किया है कि अब वार्षिक पात्रता राशि का अधिकतम 25 प्रतिशत राशि स्ट्रीट लाइटिंग के लिए व्यय की जा सकेगी। नियमों में बदलाव करते हुए यह व्यवस्था की गई है कि अब पार्षद, अध्यक्ष और महापौर निधि से भी स्ट्रीट लाइटिंग के काम कराए जा सकेंगे।
राज्य शासन ने इस संबंध में सभी नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को पत्र जारी किया है। उप मुख्यमंत्री व नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने हाल ही में विभागीय समीक्षा बैठक में पार्षद, अध्यक्ष और महापौर निधि से किए जाने वाले कार्यों में प्रकाश व्यवस्था को भी शामिल करने के निर्देश दिए थे। विभाग ने इस पर त्वरित कार्यवाही करते हुए पार्षद, अध्यक्ष और महापौर निधि से किए जाने वाले कार्यों में प्रकाश व्यवस्था को भी शामिल करने संबंधी पत्र मंत्रालय से सभी नगरीय निकायों को भेजा है।
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने हाल ही में 19 सितम्बर को प्रदेशभर के नगरीय निकायों को कुल 102 करोड़ 97 लाख 50 हजार रुपए की पार्षद, अध्यक्ष और महापौर निधि जारी की है। विभाग की ओर से निकायों को पार्षद निधि के कुल 72 करोड़ 33 लाख 75 हजार रुपए तथा महापौर और अध्यक्ष निधि के कुल 30 करोड़ 63 लाख 75 हजार रुपए आवंटित किए गए हैं।
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