
रायपुर। बस्तर जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने और होम-स्टे के विकास के लिए इच्छुक अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों से 7 अगस्त तक आवेदन मांगे गए हैं। चयनित व्यक्तियों को होम-स्टे के नए कमरे बनाने के लिए 5 लाख रुपए तक और पूर्व से संचालित होम-स्टे में सुधार के लिए 3 लाख रुपए तक की सहायता दी जाएगी।
केंद्र सरकार की ओर से आदिवासी क्षेत्रो में स्वदेश दर्शन 2.0 योजना और प्रधानमंत्री जनजाति उत्कर्ष ग्राम अभियान के तहत होम-स्टे के विकास और बस्तर जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए आर्थिक सहायता देने की व्यवस्था की गई है। स्थानीय व्यक्तियों को स्वरोजगार व आय के साधन उपलब्ध कराने के लिए पर्यटन क्षेत्र के समीप आदिवासी ग्रामों में होम-स्टे संचालन के लिए इच्छुक अनुसूचित जनजाति वर्ग के व्यक्तियों से आवेदन मांगे गए हैं।
होम-स्टे के लिए प्रस्तावित भूमि संबंधित व्यक्ति के कब्जे व भू-स्वामित्व का होना अनिवार्य है। पूर्व में होम-स्टे संचालनकर्ता, महिलाओं व पर्यटन क्षेत्र में पूर्व से जुड़े व्यक्तियों को प्राथमिकता दी जाएगी। अधिक जानकारी के लिए कार्यालय कलेक्टर बस्तर के सामान्य शाखा से संपर्क कर सकते हैं।
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