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सजगता बढ़ी तो छत्तीसगढ़ में घटे मलेरिया के मामले, पॉजिविटी रेट 4.60 से घटकर अब 0.51 प्रतिशत

15 जुल, 20240 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
सजगता बढ़ी तो छत्तीसगढ़ में घटे मलेरिया के मामले, पॉजिविटी रेट 4.60 से घटकर अब 0.51 प्रतिशत

सजगता बढ़ी तो छत्तीसगढ़ में घटे मलेरिया के मामले, पॉजिविटी रेट 4.60 से घटकर अब 0.51 प्रतिशत

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

रायपुर। प्रदेश सरकार और लोगों की सजगता से छत्तीसगढ़ में मलेरिया से पीड़ित मरीजों की संख्या घटी है। पॉजिविटी रेट 4.60 से घटकर अब 0.51 प्रतिशत पर आ गया है। 

   

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बारिश के मौसम को देखते हुए राज्य के स्वास्थ्य विभाग को मलेरिया जैसी बीमारियों की रोकथाम के लिए सक्रिय कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। इस अमल करने से बस्तर सहित पूरे राज्य में मलेरिया के मामलों में कमी आई है। मलेरिया उन्मूलन की दिशा में प्रयासों को तेज करने के मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल बीजापुर जिले के दौरे पर हैं।

 

मलेरिया के 61.99 फीसदी मामले दंतेवाड़ा, बीजापुर, नारायणपुर से आते हैं

छत्तीसगढ़ के मलेरिया के कुल मामलों में से 61.99 फीसदी दंतेवाड़ा, बीजापुर, और नारायणपुर से आते हैं। इन जिलों में मलेरिया के मामलों में काफी कमी आई है। बस्तर संभाग में मलेरिया के मामलों में 50 फीसदी की कमी आई है। मलेरिया के वार्षिक परजीवी सूचकांक दर के अनुसार, 2018 में छत्तीसगढ़ में मलेरिया की दर 2.63 फीसदी थी जो 2023 में घटकर 0.99 फीसदी रह गई है। इसी तरह बस्तर में यह दर 16.49 फीसदी से घटकर 7.78 फीसदी रह गई है।

 


मलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत 2020 से 2023 के दौरान, पहले से नौंवे चरण तक मलेरिया धनात्मक दर 4.60 फीसदी से घटकर 0.51 फीसदी हो चुकी है। इस अभियान का दसवां चरण भी 5 जुलाई 2024 को समाप्त हुआ है। इस अभियान के तहत राज्य में 22 जिलों में 16.97 लाख कीटनाशक युक्त मच्छरदानियों का वितरण भी किया गया है।


बीजापुर में सर्वाधिक 4441 मामले

स्वास्थ्य विभाग ने 2024 की पहली छमाही में मलेरिया के मामलों की रिपोर्ट जारी की है, जिसमें बस्तर जिले में 1660 केस, बीजापुर में 4441, दंतेवाड़ा में 1640, कांकेर में 259,  कोंडागांव जिले में 701, नारायणपुर जिले में 1509 और सुकमा में 1144 केस दर्ज किए गए हैं। इस प्रकार, स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों में मलेरिया के मामलों की निगरानी बढ़ाने और उपचार सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए कदम उठाए हैं।


जनता से सरकार की अपील

राज्य सरकार ने जनता से अपील की है कि मलेरिया के लक्षण दिखने पर तत्काल निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पर जाएं और समय पर उपचार करवाएं। मलेरिया के मामलों में आई यह कमी सरकार की सतर्कता और जनता की जागरूकता का परिणाम है।

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