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‘रंग परब’ में दिखेगी छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक झलक, महंत घासीदास संग्रहालय में नाट्य की प्रस्तुतियां कल से

21 अग, 20240 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
‘रंग परब’ में दिखेगी छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक झलक, महंत घासीदास संग्रहालय में नाट्य की प्रस्तुतियां कल से

‘रंग परब’ में दिखेगी छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक झलक, महंत घासीदास संग्रहालय में नाट्य की प्रस्तुतियां कल से

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

रायपुर। छतीसगढ़ संस्कृति विभाग की ओर से तीन दिवसीय ‘रंग परब’ नाट्य महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। 22 से 24 अगस्त 2024 तक रायपुर के महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय परिसर में स्थित मुक्ताकाश मंच पर नाटकों का मंचन किया जाएगा। इन नाटकों में छत्तीसगढ़ की सांस्कृति के विविध रंगों की झलक दिखेगी।

  

रोजाना शाम 7 बजे से नाटकों का मंचन किया जाएगा। आयोजन का उद्देश्य छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को सहेजना है। इस नाट्य महोत्सव के जरिए छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को प्रोत्साहित भी किया जाएगा है। तीन दिवसीय आयोजन में विभिन्न नाटकों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की जनजातीय और लोक संस्कृतियों को प्रदर्शित किया जाएगा। 


पहले दिन दी जाएगी 'गोदना’ नाटक की प्रस्तुति

   ‘रंग परब‘ के तीनों दिन दर्शकों को एक से बढ़कर एक नाटकों की प्रस्तुति देखने को मिलेगी। पहले दिन 22 ‘गोदना’ नामक नाटक में की प्रस्तुति दी जाएगी। इस नाटक में देवार जनजाति की जीवन शैली, कला और संस्कृति को दर्शाया जाएगा। नाटक की प्रस्तुति गौतम चौबे द्वारा दी जाएगी। 

- इसी प्रकार दूसरे दिन ‘कलंकार’ नामक नाटक में सामान्य लोक कलाकारों की सच्ची घटनाओं पर आधारित प्रस्तुति नरेन्द्र जलन्धरिया की ओर दी जाएगी।

-  अंतिम दिन ‘आदिगाथा’ नामक नाटक का मंचन होगा। इसके माध्यम से प्राचीन सीताबेंगरा के इतिहास और कालीदास के मेघदूत पर आधारित कला संस्कृति को प्रस्तुत किया जाएगा। इस नाटक की प्रस्तुति किशोर वैभव जायसवाल के निर्देशन में होगी ।

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