
डेस्क रिपोर्टर
Sandeep Sinha
रिपोर्ट - मनमोहन नेताम
बीजापुर | देश के नक्सल प्रभावित इतिहास में आज एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के भैरमगढ़ में माड़ डिवीजन के करीब 130 नक्सली, जिनमें कई बड़े कमांडर और सक्रिय सदस्य शामिल हैं, आज आत्मसमर्पण करेंगे। यह ऐतिहासिक सरेंडर डीकेएसजेडसी के प्रवक्ता रूपेश के नेतृत्व में होगा।
इतिहास में पहली बार, पूरा माड़ डिवीजन करेगा आत्मसमर्पण
इस आत्मसमर्पण को लेकर खास बात यह है कि माओवादी संगठन के बेहद महत्वपूर्ण और रणनीतिक माने जाने वाले माड़ डिवीजन की पूरी टीम हथियार डालने जा रही है। इससे पहले कभी भी इतने बड़े पैमाने पर संगठित तरीके से आत्मसमर्पण नहीं देखा गया है।
70 से ज्यादा आधुनिक हथियार होंगे सरेंडर
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के पास से 70 से अधिक अत्याधुनिक हथियार और भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री भी सुरक्षा बलों को सौंपी जाएगी। यह न सिर्फ एक बड़ी कामयाबी है, बल्कि भविष्य के खतरे को भी कम करता है।
सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद
भैरमगढ़ में इंद्रावती नदी के पार बने विशेष कैंप में आत्मसमर्पण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। पुलिस और सुरक्षा बलों ने इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए हैं। ड्रोन निगरानी, सैटेलाइट ट्रैकिंग और विशेष कमांडो दस्ते तैनात किए गए हैं।
आत्मसमर्पण के बाद पुनर्वास की तैयारी
राज्य सरकार द्वारा आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को पुनर्वास नीति के तहत मदद दी जाएगी। उन्हें रोज़गार, सुरक्षा और मुख्यधारा में शामिल होने के लिए हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
पाठकों की राय (0)
इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

