
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोमवार को न्यू सर्किट हाउस में पंडित दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक और गारंटी पूरी हो गई है। जिनके पास कृषि भूमि भी नहीं है और वे कृषि मजदूरी करते हैं। उन्हें 10 हजार रुपये सालाना आर्थिक सहायता दी जाएगी। जनता से किया गया अपना वादा सरकार ने पूरा किया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य के कुल 5,62,112 हितग्राहियों को इस योजना का लाभ मिलेगा। 562.11 करोड़ रुपये भूमिहीन कृषि मजदूरों को दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना को शुरू करने के पीछे हमारा उद्देश्य भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों के शुद्ध आय में वृद्धि कर उन्हें आर्थिक रूप से संबल प्रदान करना है।
योजना के तहत भूमिहीन कृषि मजदूरों के साथ वनोपज संग्राहक भूमिहीन परिवार, चरवाहा, बढ़ई, लोहार, मोची, नाई, धोबी आदि पौनी-पसारी व्यवस्था से संबद्ध भूमिहीन परिवार भी शामिल हैं। साथ ही अनुसूचित क्षेत्रों में आदिवासियों के देवस्थल में पूजा करने वाले पुजारी, बैगा, गुनिया, माँझी परिवारों को भी शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री ने भूमिहीन मजदूर हितग्राहियों को चेक दिया
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भूमिहीन मजदूर हितग्राहियों को 10 हजार रुपए की राशि का चेक दिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के माध्यम से प्रदेश के भूमिहीन मजदूर परिवारों के आर्थिक समृद्धि का जो संकल्प हमने लिया था, वह आज साकार हो रहा है। योजना से उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत बनेगी, साथ ही उनके बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य को भी सुरक्षित बनाएगी। सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश का हर गरीब और भूमिहीन परिवार खुशहाल हो।
सरकार ने किसानों से किया हर वायदा निभाया
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मोदी की गारंटी के तहत 31,00 रुपये प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदने का वादा किया था। सरकार ने किसानों से किया हर वायदा निभाया। चालू खरीफ सीजन में वायदे के मुताबिक 31,00 रुपये प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीद रहे हैं। किसानों को समर्थन मूल्य का भुगतान खरीदी के साथ किया जा रहा है, अंतर की राशि फरवरी माह में प्रदान कर दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने गिनाए सरकार के काम
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को उनके उपज की पूरी कीमत मिल रही है। इसी वजह से खेती छोड़ चुके किसान भी कृषि की ओर लौट रहे हैं। तेंदूपत्ता संग्रहण की दर को 4000 रुपये प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर 55,00 रुपये प्रति मानक बोरा कर दिया है। महतारी वंदन योजना में एक हजार रुपये प्रति महीने देने का वादा किया था। प्रदेश की 70 लाख महिलाओं को इस योजना का लाभ मिल रहा है। अब तक 11 किश्तों में माताओं-बहनों को 7 हजार 182 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। इसी तरह रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना को शुरू कर अब तक छत्तीसगढ़ से 20 हजार श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम दर्शन के लिए हम भेज चुके हैं।
हमारी सरकार में प्रदेश का तेजी से विकास हुआ है: टंकराम वर्मा
राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि जब से प्रदेश में हमारी सरकार बनी है, प्रदेश का तेजी से विकास हुआ है। सरकार ने बड़ी योजनाओं को पूरा किया है। पंडित दीनदयाल के सपनों को हमारे मुख्यमंत्री साकार कर रहे हैं। कार्यक्रम में विधायक अनुज शर्मा, पुरंदर मिश्रा, मोतीलाल साहू, सुनील सोनी, गुरु खुशवंत साहेब के अलावा प्रभारी मुख्य सचिव रेणु पिल्ले, राजस्व विभाग की सचिव शहला निगार की उपस्थिति रही।
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