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Chhattisgarh

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय विधानसभा में बोले- ऑपरेशन सिंदूर पर छत्तीसगढ़ की जनता को गर्व

15 जुल, 20250 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
Cm vishnu dev saay

Cm vishnu dev saay

Hitesh Kumar Singh
डेस्क रिपोर्टर
Hitesh Kumar Singh

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंगलवार को विधानसभा में ऑपरेशन सिंदूर के सफल क्रियान्वयन के लिए प्रदेश की जनता की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति धन्यवाद व्यापित किया। उन्होंने कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की कुशल रणनीति और नेतृत्व क्षमता को पूरे देश ने देखा है। यह केवल एक मिशन नहीं था, बल्कि भारत की ताकत, संकल्प और वैश्विक नेतृत्व क्षमता का जीवंत प्रमाण है। छत्तीसगढ़ की जनता को इस ऑपरेशन की सफलता पर गर्व है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि भारत अब ऐसा राष्ट्र बन चुका है जो अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए किसी भी परिस्थिति में, किसी भी सीमा तक जाकर, त्वरित, निर्णायक और प्रभावी कार्यवाही करने में सक्षम है। ऐसे अभियान केवल सैन्य या कूटनीतिक सफलता का प्रतीक नहीं होते, बल्कि वे संपूर्ण राष्ट्र की भावना का प्रतिनिधित्व करते हैं। हमारे राष्ट्रीय नेतृत्व का दृष्टिकोण स्पष्ट है कि हर भारतीय का जीवन बहुमूल्य है, चाहे वह देश में हो या विदेश में।

 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि इस ऑपरेशन के केंद्र में समन्वय और निर्णय क्षमता की जो धुरी रही, वह हैं - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। प्रधानमंत्री की सक्रिय भागीदारी, व्यक्तिगत निगरानी और स्पष्ट निर्देशों के कारण ही यह मिशन समयबद्ध, सुरक्षित और सफलतापूर्वक सम्पन्न हो पाया।

 

भारत की साख अंतरराष्ट्रीय मंचों पर नई ऊंचाइयों को छू रही 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की साख अंतरराष्ट्रीय मंचों पर नई ऊंचाइयों को स्पर्श कर रही है। ऑपरेशन गंगा, ऑपरेशन कावेरी, ऑपरेशन देवी शक्ति, और अब ऑपरेशन सिंदूर, भारत ने बार-बार यह सिद्ध किया है कि वह वैश्विक संकटों में मूक दर्शक नहीं, बल्कि सक्रिय संकट-निवारक राष्ट्र है।

 

हमारी बहन ने अपनी आंखों के सामने अपना सुहाग उजड़ते देखा

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहलगाम की वीभत्स घटना के बाद हमारे प्रदेश के सपूत दिनेश मिरानिया का पार्थिव शरीर भी लौटकर आया। उन्होंने खुद दिनेश मिरानिया के परिवार की पीड़ा को देखा। मुख्यमंत्री ने कहा कि 'हमारी बहन ने अपनी आंखों के सामने अपना सुहाग उजड़ते देखा — यह पीड़ा कितनी गहरी है, यह पूरा सदन समझ सकता है।' आतंकियों ने उन्हें केवल इस कारण मार डाला कि वे नहीं चाहते थे कि जम्मू-कश्मीर, जो भारत का अभिन्न अंग है, उसमें अन्य प्रांतों के नागरिकों की आवाजाही हो सके। उन्हें धर्म देखकर मारा गया। देश भर की माताओं-बहनों के बिलखने की तस्वीरें सामने आईं और इनके साथ पूरा देश रोया। यह एक ऐसी अमानवीय घटना थी, जिसमें सम्पूर्ण मानवता तार-तार हो गई।

 

भारत किसी को छेड़ता नहीं, छेड़ने वालों को छोड़ता भी नहीं

मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां आतंकवादियों ने निर्दोष लोगों का रक्त बहाया, वहीं भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई में इस बात का विशेष ध्यान रखा कि पाकिस्तान के आम नागरिकों को कोई क्षति न पहुंचे। हमारे नेतृत्व ने यह स्पष्ट कर दिया कि भारत किसी को छेड़ता नहीं, परंतु छेड़ने वालों को छोड़ता भी नहीं। ऑपरेशन सिन्दूर के माध्यम से भारत ने स्पष्ट संदेश दिया है कि हम प्रत्येक रक्त की बूंद का हिसाब लेते हैं। जिन आतंकी ठिकानों पर हमला किया गया, वे संसद हमले, मुंबई हमले, अक्षरधाम हमला और पुलवामा जैसी भीषण घटनाओं में लिप्त थे। भारत ने आतंकवाद को शह देने वाले देशों को विश्व मंच पर बेनकाब किया है।



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