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Chhattisgarh

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भोरमदेव में हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा कर हजारों कावड़ियों का किया स्वागत

05 अग, 20240 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भोरमदेव में हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा कर हजारों कावड़ियों का किया स्वागत

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भोरमदेव में हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा कर हजारों कावड़ियों का किया स्वागत

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने एतिहासिक स्थल बाबा भोरमदेव मंदिर में श्रावण मास के तीसरे सोमवार पर हजारों कावड़ियों का हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। बाद में मुख्यमंत्री श्रद्धालुओं के बीच पहुंचे। हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष के साथ कावड़ियों और श्रद्धालुओं का हौसला बढ़ाया।

     

मुख्यमंत्री के साथ उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भी कावड़ियों का अभिनंदन किया। यह छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार है, जब प्रदेश के मुख्यमंत्री ने स्वयं हेलीकॉप्टर से शिवभक्त कावड़ियों पर पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री साय ने भोरमदेव बाबा भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना और रुद्राभिषेक भी किया, जिसमें उन्होंने प्रदेश की समृद्धि और खुशहाली की कामना की।


श्रद्धालुओं को खीर, पुड़ी, चावल और प्रसाद वितरित किया

मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं से मुलाकात की। भंडारा स्थल पर पहुंचकर अपने हाथों से श्रद्धालुओं को खीर, पुड़ी, चावल और प्रसाद वितरित किया। इस दौरान पंडरिया विधायक भावना बोहरा, जिला पंचायत अध्यक्ष सुशीला राम कुमार भट्ट, जनपद अध्यक्ष इंद्राणी चंद्रवंशी, पूर्व विधायक अशोक साहू, और नगर पंचायत अध्यक्ष मनहरण कौशिक ने भी बाबा भोरमदेव भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया।


प्रदेश के लोगों की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की

मुख्यमंत्री ने सभी भक्तजनों को श्रावण मास की शुभकामनाएं दीं। प्रदेश के सभी लोगों की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की है। कहा कि पवित्र श्रावण मास में शिव भक्तों के लिए यह एतिहासिक आयोजन रहा।


यहां भी जलाभिषेक के लिए उमड़ती है भीड़

कबीरधाम जिले में स्थित बाबा भोरमदेव मंदिर के साथ-साथ, बुढ़ा महादेव और डोंगरिया के जलेश्वर महादेव जैसे ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों पर भी हर साल हजारों कावड़ियों द्वारा जलाभिषेक किया जाता है। इस अवसर पर अमरकंटक से शिव भक्त पदयात्रा कर छत्तीसगढ़ के विभिन्न शिवालयों में जल चढ़ाते हैं।


बाबा भोरमदेव मंदिर 11वीं शताब्दी का है

बाबा भोरमदेव मंदिर 11वीं शताब्दी का एक प्राचीन, एतिहासिक और पुरातात्विक महत्व का स्थल है। जहां हर साल श्रावण मास में कावड़ियों की पदयात्रा का आयोजन होता है। इस कावड़ यात्रा में मध्यप्रदेश के अमरकंटक से मां नर्मदा का पवित्र जल लेकर भक्तजन कठिन मार्गों से गुजरते हुए बाबा भोरमदेव, जलेश्वर महादेव और पंचमुखी बूढ़ा महादेव में जलाभिषेक करते हैं। इस दौरान वे “बोल बम” के जयघोष के साथ भगवान शिव की महिमा का गुणगान करते हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में इस वर्ष की कावड़ यात्रा  स्मरणीय रही, जिसमें सरकार की ओर से कावड़ियों के स्वागत और सेवा का अभूतपूर्व आयोजन किया गया।

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