
रायपुर/भिलाई। छत्तीसगढ़ की सियासत में एक बार फिर भूचाल आ गया है! पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भिलाई स्थित आवास पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने एक बार फिर दबिश दी है। ईडी की यह ताज़ा कार्रवाई शराब घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में हुई है। छापेमारी की खबर मिलते ही प्रदेश कांग्रेस में हड़कंप मच गया है।
घोटाले का केंद्र: भूपेश बघेल का घर
सूत्रों के मुताबिक, ईडी ने शुक्रवार को सुबह-सुबह भूपेश बघेल के भिलाई आवास पर छापा मारा। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई शराब घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के सिलसिले में की गई है, जो कि 2019 से 2022 के बीच कांग्रेस शासनकाल के दौरान हुआ था।
बघेल बोले- 'यह भाजपा की बौखलाहट'
छापेमारी के दौरान खुद घर पर मौजूद रहे भूपेश बघेल ने कहा, "ईडी की यह कार्रवाई भाजपा की हताशा और राजनीतिक बदले की भावना का नतीजा है। वे जानते हैं कि वे जनाधार खो चुके हैं, इसलिए इस तरह की एजेंसी की मदद से डर फैलाना चाहते हैं।"
बेटा और करीबी भी रडार पर
ईडी ने इससे पहले भी 10 मार्च को बघेल के बेटे के खिलाफ धनशोधन जांच के तहत दुर्ग जिले में छापेमारी की थी। इसके अलावा लक्ष्मी नारायण बंसल उर्फ पप्पू बंसल, जो कि चैतन्य का करीबी सहयोगी बताया जाता है, समेत 13 अन्य ठिकानों पर भी ईडी ने एक साथ छापेमारी की थी।
2100 करोड़ का सिंडिकेट?
ईडी के अनुसार, छत्तीसगढ़ में शराब सिंडिकेट ने राज्य के खजाने को भारी नुकसान पहुंचाया और इस घोटाले से 2100 करोड़ रुपये से अधिक की रकम निजी जेबों में पहुंची। ईडी का कहना है कि यह संगठित घोटाला था, जिसमें प्रशासनिक मिलीभगत भी शामिल थी।
कांग्रेस समर्थकों का प्रदर्शन, पहले भी हो चुकी FIR
यह पहली बार नहीं है जब बघेल के घर ईडी की रेड हुई है। इससे पहले की कार्रवाई के दौरान उनके समर्थकों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया था। उस दौरान ईडी अधिकारियों के साथ बदसलूकी भी हुई थी और इसके बाद FIR भी दर्ज की गई थी।
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