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Chhattisgarh

शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र सेवा का मार्ग है: विष्णु देव साय

12 जुल, 20250 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
Cm vishnu dev saay

Cm vishnu dev saay

Hitesh Kumar Singh
डेस्क रिपोर्टर
Hitesh Kumar Singh

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शनिवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित पीएसवाई उत्कृष्टता सम्मान समारोह में प्रतिभावान छात्र-छात्राओं और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्कूलों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र सेवा का मार्ग है। शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है, और यही किसी भी राष्ट्र की प्रगति की नींव होती है। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में सफलता का मूल आधार शिक्षा ही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब अपने रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर चुका है। बीते वर्षों में राज्य ने शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। पहले प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज था, आज 15 से अधिक मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। साथ ही आईआईटी, एनआईटी, आईआईएम और एम्स जैसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय संस्थान भी संचालित हैं। गांव-गांव में स्कूल खोले गए हैं, और बच्चों की आवश्यकताओं के अनुरूप महाविद्यालयों की स्थापना की गई है। 

छत्तीसगढ़  में छात्रों के लिए असीम अवसर मौजूद

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि उनके समय में कई गांवों के बच्चों के लिए केवल एक स्कूल होता था। उन्होंने पांचवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा दूसरे गांव में दी थी, क्योंकि उनके गांव में परीक्षा केंद्र नहीं था। आज छत्तीसगढ़ में छात्रों के लिए असीम अवसर मौजूद हैं। प्रत्येक बच्चे को इन अवसरों का लाभ उठाकर अपने लक्ष्यों की ओर आगे बढ़ना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की दिशा में निरंतर अग्रसर है, और इसी संकल्प को लेकर हम विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में भी तेज़ गति से कार्य कर रहे हैं। 

 

शिक्षा अब स्थानीय भाषाओं में भी उपलब्ध हो रही

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार नई शिक्षा नीति को ज़मीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने हेतु निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 में देश में लागू की गई नई शिक्षा नीति के तहत छत्तीसगढ़ में शिक्षा अब स्थानीय भाषाओं में भी उपलब्ध हो रही है। बस्तर जैसे क्षेत्रों में अब स्थानीय भाषाओं में पढ़ाई करवाई जा रही है, और प्रदेश में मेडिकल की शिक्षा भी हिंदी में दी जा रही है। 

 

देश को पुनः विश्वगुरु बनाने में युवाओं का योगदान निर्णायक सिद्ध होगा

रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प में इन बच्चों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने में हमारे युवाओं का योगदान निर्णायक सिद्ध होगा। विधायक धरमलाल कौशिक ने कहा कि संस्था का उद्देश्य न केवल प्रतिभाशाली छात्रों को सम्मानित करना है, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रही प्रतिभाओं को भी एक मंच प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत विद्यार्थियों को विभिन्न भाषाओं में पारंगत बनाने की दिशा में ठोस कार्य प्रारंभ हो चुका है। 

 

मुख्यमंत्री को भेंट की पेंटिंग 

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कलाकारों को भी सम्मानित वरिष्ठ चित्रकार राज सैनी ने मुख्यमंत्री को एक विशेष उपहार के रूप में उनके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के साथ की पेंटिंग भेंट की। कार्यक्रम में पीएसवाई के प्रेसिडेंट डॉ. एसके मिश्रा, सलाहकार महेंद्र गुप्ता, सीईओ शुभ्रा शुक्ल की उपस्थिति रही।

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