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पढ़ाई में कमजोर कक्षा 10वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों की पहचान के लिए कराई जा रही परीक्षा, लक्ष्य आधारित सहायक कक्षाएं दी जाएंगी

31 जुल, 20250 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
Special exam

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News World Desk
डेस्क रिपोर्टर
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रायपुर। शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार लाने के उद्देश्य से रायपुर जिले में मिशन उत्कर्ष- 2025 के तहत व्यापक कार्ययोजना लागू की गई है। पढ़ाई में कमजोर कक्षा 10वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों की पहचान के लिए वीकली टेस्ट और मोबाइल एप के जरिए मूल्यांकन किया जा रहा है। मासिक परीक्षा भी कराई जा रही है।

जिला में 29 जुलाई से पहली मासिक परीक्षा शुरू कराई गई है, यह 1 अगस्त 2025 को समाप्त होगी। परीक्षा में सभी स्कूलों को मानकीकृत प्रश्न पत्र दिए गए हैं। इन प्रश्नपत्रों का निर्माण विषय विशेषज्ञों की ओर से किया गया है, जिससे परीक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके।

 

परीक्षा परिणामों की प्रविष्टि और विश्लेषण के लिए एक विशेष मोबाइल एप विकसित किया गया है। इस एप के माध्यम से प्राप्त आंकड़ों का विश्लेषण कर कमजोर प्रदर्शन वाले छात्रों की पहचान की जाएगी। उन्हें लक्ष्य आधारित सहायक कक्षाएं प्रदान की जाएंगी।

 

शत-प्रतिशत अंक लाने पर जिला कलेक्टर के साथ डिनर में शामिल होने का अवसर मिलेगा

जो विद्यार्थी शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करेंगे, उन्हें जिला कलेक्टर और उच्च अधिकारियों के साथ डिनर में शामिल होने का अवसर मिलेगा। यह अभियान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप तथा कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशन में संचालित किया जा रहा है। मिशन उत्कर्ष 2025 का मुख्य उद्देश्य आगामी बोर्ड परीक्षाओं में जिले के परिणामों को उत्कृष्ट बनाना है।



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