
डेस्क रिपोर्टर
Sandeep Sinhaरिपोर्ट - मनमोहन नेताम
गरियाबंद । दशकों से सक्रिय उदंती एरिया कमेटी ने अब हथियार छोड़ने का ऐलान किया है। दिवाली के शुभ मुहूर्त पर कमेटी ने सशस्त्र संघर्ष को हमेशा के लिए विराम देने का फैसला लिया है।
सूत्रों के मुताबिक, 20 अक्टूबर को कमेटी अपने सभी साथियों के साथ हथियारों सहित आत्मसमर्पण करने की तैयारी में है, ताकि वे नई जिंदगी की शुरुआत कर सकें।
बताया जा रहा है कि सोनू दादा और रूपेश दादा के आत्मसमर्पण के बाद से ही उदंती क्षेत्र में नक्सल आंदोलन कमजोर पड़ चुका था। फोर्स की मजबूत रणनीति, लगातार दबाव और ग्रामीण इलाकों में विकास की बढ़ती रफ्तार ने नक्सली नेटवर्क को तोड़ दिया है। अब उदंती एरिया कमेटी ने गोबरा, सीनापाली और सीतानदी यूनिटों से भावुक अपील की है कि वे भी हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौट आएं।
एसपी निखिल राखेचा ने इस ऐतिहासिक फैसले का किया स्वागत —
“यह गरियाबंद में स्थायी शांति की शुरुआत है। उदंती कमेटी का आत्मसमर्पण पुलिस और जनता के साझा प्रयासों की बड़ी जीत है। अब बाकी नक्सलियों के लिए भी पुनर्वास के दरवाजे खुले हैं।”
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