
रायपुर। महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रदेश सरकार की ओर से एक और कदम उठाया जा रहा है। महिलाओं को विद्युत सखी के रूप में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह सितंबर से उपभोक्ताओं के घरों पर दस्तक देंगी और बिजली मीटर की रीडिंग लेने के साथ स्पॉट बिलिंग भी करेंगी।
विद्युत विभाग के गांधीनगर स्थित प्रशिक्षण केंद्र में गुरुवार को विद्युत सखियों को बिजली मीटर की रीडिंग, स्पॉट बिलिंग और बिल वितरण कार्य का प्रशिक्षण दिया गया। सरगुजा जिले के विभिन्न विकासखंडों से आई 11 विद्युत सखियों को आधुनिक तकनीक आधारित विद्युत मीटर की रीडिंग, स्पॉट बिलिंग और बिल वितरण का कार्य का प्रशिक्षण दिया गया। ये सखियां सितंबर 2025 से उपभोक्ताओं के घर पहुंचकर बिजली मीटर की रीडिंग लेंगी और एंड्रॉयड मोबाइल व ब्लूटूथ थर्मल प्रिंटर की मदद से मौके पर ही स्पॉट बिलिंग कर बिल वितरण का कार्य करेंगी।
सक्रिय स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को सौंपा गया कार्य
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार यह कार्य राज्य विद्युत विभाग और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत सक्रिय स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को सौंपा गया है। प्रत्येक विद्युत सखी को विभाग की ओर से करीब 1000 घरों का आवंटन किया जाएगा। विद्युत सखी ग्रामीण उपभोक्ताओं को सुविधा पहुंचाएंगी साथ ही अपनी मेहनत के आधार पर विद्युत बिलिंग कार्य से कमीशन भी अर्जित करेंगी।
सरगुजा जिले में 11 कलस्टरों क्लस्टरों में होगी शुरुआत
विद्युत विभाग के अनुसार शुरुआती चरण में सरगुजा जिले के 11 अलग-अलग क्लस्टरों में चयनित विद्युत सखियां घर-घर जाकर मीटर रीडिंग कर स्पॉट बिलिंग कर बिल वितरण का कार्य करेंगी। योजना का उद्देश्य महिलाओं को सशक्त, आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सक्षम बनाना है। ग्रामीण अंचलों की महिलाएं अब केवल घर तक सीमित न रहकर, तकनीक आधारित कार्यों में भी दक्ष होंगी और आय भी अर्जित करेंगी।
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