
रायपुर। सारे कयासों पर आखिरकार विराम लग गया। साय कैबिनेट में तीन नए मंत्री शामिल हो गए। बुधवार को गजेंद्र यादव, गुरु खुशवंत साहेब और राजेश अग्रवाल को राज्यपाल रमेन डेका ने राजभवन में मंत्री पद की शपथ दिलाई।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शपथ ग्रहण करने वाले कैबिनेट के नए सदस्यों गजेंद्र यादव, गुरु खुशवंत साहेब और राजेश अग्रवाल को बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि नवनियुक्त मंत्रीगण अपनी समर्पित निष्ठा और कार्यकुशलता के साथ जनसेवा के लिए पूर्ण तत्परता से कार्य करेंगे तथा छत्तीसगढ़ राज्य को विकास और सुशासन की दिशा में नए आयाम प्रदान करेंगे।
इस वजह से मंत्रिमंडल में बनाई जगह
गजेंद्र यादव: इनका राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से गहरा जुड़ाव है। आरएसएस के सक्रिय कार्यकर्ता भी है। इनके पिता बिसरा राम यादव छत्तीसगढ़ प्रांत के संघचालक का दायित्व संभाल चुके हैं। गजेंद्र यादव दुर्ग के विधायक हैं। ये दो बार भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश मंत्री रह चुके हैं। यह ओबीसी वर्ग से आते हैं, प्रदेश में साहू समाज के बाद यादव ही ओबीसी वर्ग में सर्वाधिक हैं।
गुरु खुशवंत साहेब: यह आरंग से विधायक हैं। सतनामी समाज के गुरु बालदास के बेटे और समाज के गुरु हैं। समाज के प्रमुख धार्मिक केंद्र भंडारपुरी गुरु गद्दी के उत्तराधिकारी हैं। गुरु खुशवंत साहेब को साय सरकार में मंत्री बनाकर भाजपा अनुसूचित जाति वर्ग के वोट बैंक में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है। यह एससी सीटों का समीकरण प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं।
राजेश अग्रवाल: यह अंबिकापुर से विधायक हैं। कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए हैं। मंत्रिमंडल में उनकी दावेदारी इसलिए भी मजबूत मानी जा रही है, क्योंकि इन्होंने पूर्व डिप्टी सीएम और कांग्रेस के सीनियर लीडर टीएस सिंहदेव को हराया है। जातिगत समीकरण साधने के लिए भी इनको मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। साय कैबिनेट में वैश्य समाज से कोई चेहरा नहीं था।
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