
रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने सोमवार को राजभवन में प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (प्रधानमंत्री जनमन योजना) के प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वह महज फील्ड रिपोर्ट पर निर्भर न रहें बल्कि निचले स्तर पर जाकर योजनाओं का क्रियान्वयन देखें।
राज्यपाल रमेन डेका ने अधिकारियों से कहा कि वह योजना के तहत संचालित कार्यों की जमीनी हकीकत देखने के लिए गांवों का दौरा किया। उन्होंने कहा कि योजना का मुख्य उद्देश्य विशेष पिछड़ी जनजातियों को केंद्र की ओर से निर्धारित तय सुविधाओं का लाभ पहुंचाना है। इनको मूलभूत सुविधाएं- शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क आदि देना प्राथमिकता है। जो योजनाएं संचालित हैं वे तय समय पर पूर्ण हो जाएं और पिछड़ी जनजातीय क्षेत्रों में सुविधाएं पहुंचे इसके लिए सही एप्रोच जरूरी है। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के सहयोग और समन्वय से योजनाओं का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
सौर विद्युतीकरण की प्रगति पर असंतोष जताया
राज्यपाल रमेन डेका ने सौर विद्युतीकरण की प्रगति पर असंतोष जताया। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में जो चुनौतियां हैं, उसका सभी मिलकर निराकरण करेंगे। साथ ही राज्यपाल ने निर्देश दिया कि सतत विकास की प्रक्रिया में पर्यावरण को अनदेखा न किया जाए। जो विकास के कार्य हो रहे हैं, उसमें पेड़ों को बचाकर रखा जाए। पानी को लेकर गंभीर होना है। जमीनी जल स्तर और वर्षा का मापन करके, उसके अनुसार योजनाएं बनाई जाए। रेन वाटर हार्वेस्टिंग को प्राथमिकता दी जाए।
पिछड़ी जनजातीय क्षेत्रों में भी नवाचार को प्रोत्साहित करें
बैठक में राज्यपाल रमेन डेका ने पीएम जनमन क्षेत्रों में आंगनबाड़ी निर्माण की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ियों में लाइवलीहुड के लिए कार्य होना चाहिए। स्व सहायता समूहों के गतिविधियों की सराहना करते हुए राज्यपाल ने कहा कि पिछड़ी जनजातीय क्षेत्रों में भी नवाचार को प्रोत्साहित करें। इन क्षेत्रों में नवाचार करने वाले स्व सहायता समूहों को राजभवन की ओर से भी पुरस्कृत किया जाएगा। राज्यपाल ने जनजातीय क्षेत्रों में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान देने और स्वयंसेवी संस्थाओं की सहभागिता से नवाचार करने पर बल दिया।
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