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ग्रीन स्टील छत्तीसगढ़ के लिए बड़ी संभावनाएं लेकर आया, शून्य कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य की प्राप्ति में मदद मिलेगी : सीएम साय

25 जुल, 20240 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
ग्रीन स्टील छत्तीसगढ़ के लिए बड़ी संभावनाएं लेकर आया, शून्य कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य की प्राप्ति में मदद मिलेगी : सीएम साय

ग्रीन स्टील छत्तीसगढ़ के लिए बड़ी संभावनाएं लेकर आया, शून्य कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य की प्राप्ति में मदद मिलेगी : सीएम साय

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

रायपुर। जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने के लिए पूरी दुनिया ग्रीन स्टील की ओर रुख कर रही है। स्टील के उत्पादन में अग्रणी राज्यों में से एक होने के नाते ग्रीन स्टील छत्तीसगढ़ के लिए भी बड़ी संभावनाएं लेकर आया है। यह मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नवा रायपुर के अटल नगर स्थित मेफेयर लेक रिसॉर्ट में आयोजित ग्रीन स्टील समिट-2024 में कहीं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे न केवल कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्यों को प्राप्त करने में हमें मदद मिलेगी, अपितु इस क्षेत्र में नवीन पहल कर हम बड़ी आर्थिक उपलब्धियों की संभावनाओं का द्वार खोल सकते हैं। समिट का आयोजन भारतीय इस्पात उद्योग को कार्बन रहित बनाने के उद्देश्य से किया गया है। समिट में देश भर के प्रमुख उद्योगपति, व्यापारी उपस्थित रहे।

     

छत्तीसगढ़ देश का सबसे प्रमुख स्टील निर्माता

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का सबसे प्रमुख स्टील निर्माता है। हमारे यहां सार्वजनिक क्षेत्र के भिलाई स्टील प्लांट और नगरनार स्टील प्लांट जैसी बड़ी इकाइयां तो संचालित हैं ही, इसके साथ निजी क्षेत्र के अनेक छोटे-बड़े इस्पात संयंत्र संचालित हैं। भिलाई इस्पात संयंत्र एशिया का सबसे बड़ा स्टील प्लांट है और छत्तीसगढ़ में लोहे के विशाल भंडार हैं, जिनमें बैलाडीला, रावघाट और दल्लीराजहरा प्रमुख हैं। छत्तीसगढ़ का देश में कुल उत्पादित स्टील में लगभग 20 प्रतिशत तक का योगदान है और राज्य की अर्थव्यवस्था में उद्योगों की भागीदारी 53.50 प्रतिशत है।


2070 तक शून्य कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य को हासिल करना है

मुख्यमंत्री ने इस्पात उद्योग से उत्पन्न होने वाले प्रदूषण के वैश्विक चिंताओं पर भी प्रकाश डाला और कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2070 तक शून्य कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य को हासिल करने का दृष्टिकोण सामने रखा है। उन्होंने केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की ओर से राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन की घोषणा की सराहना की और राज्य में सौर ऊर्जा और हरित ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के प्रयासों का उल्लेख किया।


ग्रीन स्टील उत्पादन की नई तकनीक को अपनाने आह्वान

मुख्यमंत्री ने समिट में उपस्थित सभी प्रतिनिधियों से ग्रीन स्टील उत्पादन की नई तकनीक को अपनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हमारी एकजुटता से हम स्वस्थ प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण का निर्माण करते हुए मिल-जुलकर विकास करेंगे।

    

समिट में देशभर के प्रमुख उद्योगपतियों के साथ अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि भी उपस्थित थे, जिन्होंने ग्रीन स्टील उत्पादन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों और नई तकनीकों पर अपने विचार साझा किए। सीआईआई के पदाधिकारी और उद्योगपति आशीष सराफ, सिद्धार्थ अग्रवाल, सुवेन्द्र बेहरा, संजय जैन, पीवी किरण अनंत उपस्थित थे।

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