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Chhattisgarh

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के समक्ष रखी 8 मेडिकल कॉलेजों के लिए अलग अस्पताल स्थापित करने की मांग

30 दिस, 20250 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
Central minister JP Nadda and CG helth minister Shyam Bihari Jaiswal

Central minister JP Nadda and CG helth minister Shyam Bihari Jaiswal

Hitesh Kumar Singh
डेस्क रिपोर्टर
Hitesh Kumar Singh

रायपुर। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने स्वास्थ्य सेवाओं में तेज और प्रभावी सुधार की दिशा में छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल व अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने केंद्र सरकार से 8 मेडिकल कॉलेजों के लिए अलग अस्पताल स्थापित करने की मांग की। केंद्रीय मंत्री ने छत्तीसगढ़ की प्रगति की सराहना की। मानव संसाधन में अतिरिक्त सहयोग के लिए सहयोग का आश्वासन दिया।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य समयबद्ध रूप से प्राप्त किया जाएगा। स्वास्थ्य सेवाओं को जनभागीदारी से जमीनी स्तर पर सुदृढ़ किया जाएगा। उन्होंने दवा विनियमन को कड़ा करने, निदान सुविधाओं का विस्तार करने, टेलीमेडिसिन व रोगी-केंद्रित देखभाल को बढ़ावा देने तथा जनभागीदारी को व्यापक रूप से सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया। 

 

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि देशभर में स्वास्थ्य परामर्श अभियान की शुरुआत की गई है, जिसके माध्यम से औषधि प्रबंधन, निदान सेवाओं और जनस्वास्थ्य पहलों को नई दिशा मिलेगी और इनका प्रभाव सीधे नागरिकों तक पहुंचेगा। बैठक के दौरान प्रदेश छत्तीसगढ़ के सचिव स्वास्थ्य अमित कटारिया, मिशन संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन रणबीर शर्मा व अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

 

सभी रक्तकोष निर्धारित सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करें

केंद्रीय मंत्री ने निर्देश दिए कि राज्यों के सभी रक्तकोष निर्धारित सुरक्षा मानकों का पूरी तरह से पालन सुनिश्चित करें। नियमित निगरानी व निरीक्षण को कठोर बनाया जाए। नि:शुल्क औषधि एवं निदान योजना के अंतर्गत अधिकतम जनसंख्या को लाभान्वित करने, खाद्य पदार्थों में मिलावट की रोकथाम को प्राथमिकता देने और खाद्य एवं औषधि परीक्षण क्षमता को बढ़ाने के लिए राज्यों को ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए।

 

मातृ, शिशु और नवजात मृत्यु दर में कमी लाने के लिए निगरानी तंत्र को किया जाए मजबूत 

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने निर्देश दिए कि मातृ मृत्यु दर, शिशु मृत्यु दर और नवजात मृत्यु दर में कमी लाने के लिए निगरानी तंत्र को मजबूत किया जाए। गैर-संचारी रोगों की 100 प्रतिशत स्क्रीनिंग लक्ष्य आधारित तरीके से पूरी की जाए। इसी क्रम में कुष्ठ नियंत्रण के लिए प्रत्येक तिमाही सक्रिय रोगी खोज अभियान जोर दिया गया। घोषणा की कि टीबी कार्यक्रम को मजबूत करने के लिए 146 हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनें राज्यों को उपलब्ध कराई जाएंगी।

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