मंगलवार, 31 मार्च 2026
Logo
Chhattisgarh

खानपान और जीवन शैली प्रकृति के अनुरूप हो तो हम बहुत सी बीमारियों से बच सकते हैं: रमेन डेका

01 दिस, 20250 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
Governor ramen deka

Governor ramen deka

Hitesh Kumar Singh
डेस्क रिपोर्टर
Hitesh Kumar Singh

रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका सोमवार को राजधानी में आयोजित 'कोडकॉन’ के वार्षिक सम्मेलन में शामिल हुए। उन्होंने कहा है कि स्वस्थ रहने के लिए हमें प्रकृति के नियमों का ध्यान रखा जाना चाहिए। हमारा खानपान और जीवन शैली प्रकृति के अनुरूप होने से हम बहुत सी बीमारियों से बच सकते हैं। 

छत्तीसगढ़ ओबिसिटीज़, डायबिटिज एंड इंडोक्राइन सोसाइटी (कोड) के वार्षिक सम्मेलन में राज्यपाल रमेन डेका मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि आज डायबिटीज़, मोटापा और हार्माेन संबंधी बीमारियां न केवल भारत में बल्कि पूरे विश्व में भी एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बनकर उभर रही है। भारत को दुनिया का डायबिटीज कैपिटल कहा जाने लगा है। छत्तीसगढ़ की स्थिति भी चिंता बढ़ाती है। राज्य में 15 से 19 आयु समूह में लगभग 9 से 10 प्रतिशत वयस्कों में ब्लड शुगर का स्तर सामान्य से अधिक पाया गया है और शहरी क्षेत्रों में यह प्रतिशत और तेजी से बढ़ रहा है। 

 

राज्यपाल ने कहा कि डायबिटीज, मोटापा और मानसिक बीमारी ये सब हमारी सिविलाइजेशन से पैदा हुई समस्या है। दरअसल, जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण प्रदूषण- विशेषकर माइक्रो प्लास्टिक का उपयोग हमारी सेहत पर विपरीत असर डालने वाली एक बड़ी चुनौती है। कार्यक्रम में प्रो. एसएन मिश्रा को लाइफ टाइम एचीवमेंट अवार्ड प्रदान किया गया। साथ ही क्विज प्रतियोगिता के विजेता छात्रों को पुरस्कृत किया गया। 

 

विशिष्ट अतिथि के रूप में आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. प्रदीप पात्रा उपस्थित थे। आयोजन समिति की प्रमुख डॉ. कल्पना दास, डॉ. संजीत जायसवाल व अन्य सदस्यों ने अतिथियों का स्वागत किया। कोडकॉन सम्मेलन में देशभर के एंडोक्राइनोलॉजिस्ट, चिकित्सक और स्वास्थ्य विशेषज्ञ शामिल हुए, जिन्होंने आधुनिक चिकित्सा, जीवन शैली जनित रोगों और तकनीकी प्रगति पर विचार साझा किए।

 

अनुचित आहार ही शरीर के संतुलन को बिगाड़कर बनता है रोगों की जड़ 

राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि आज हम जीवन शैली और व्यवहार में पश्चिमी शैली का अनुसरण कर रहे हैं। हमारे ऋषि पहले ही चेतावनी दे चुके थे कि अनुचित आहार ही शरीर के संतुलन को बिगाड़कर रोगों की जड़ बनता है। आज विज्ञान भी यही सिद्ध कर रहा है। आज जो मोटापे की समस्या तेजी से बढ़ रही है, वह जंक फूड के कारण है। राज्यपाल ने चिकित्सकों की सामाजिक और नैतिक भूमिका पर विशेष बल देते हुए कहा कि चिकित्सक अपने सफेद एप्रॉन को दाग से मुक्त रखें। राज्यपाल ने चिकित्सकों से आह्वान किया कि छत्तीसगढ़ में सिकलसेल के प्रति जनजागरूकता लाने और टीबी के उन्मूलन में योगदान दें। 

पाठकों की राय (0)

इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

अपनी प्रतिक्रिया दें