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छत्तीसगढ़ में जल्द शुरू होगा लिवर और किडनी ट्रांसप्लांट, उपकरणों के लिए 6 करोड़ रुपए की मंजूरी

04 सित, 20240 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
छत्तीसगढ़ में जल्द शुरू होगा लिवर और किडनी ट्रांसप्लांट, उपकरणों के लिए 6 करोड़ रुपए की मंजूरी

छत्तीसगढ़ में जल्द शुरू होगा लिवर और किडनी ट्रांसप्लांट, उपकरणों के लिए 6 करोड़ रुपए की मंजूरी

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा के के अनुरूप छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने का काम किया जा रहा है। इसी कड़ी में ऑर्गन ट्रांसप्लांट और बायपास हार्ट सर्जरी जैसी सुविधाएं जानी हैं।

    

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के मुताबिक  राज्यभर में सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए अब राजधानी के डीकेएस अस्पताल में लिवर और किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा जल्द शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि डीकेएस में पहले ही अत्याधुनिक आईसीयू तैयार किया जा चुका है और लिवर तथा किडनी ट्रांसप्लांट के उपकरणों के लिए 6 करोड़ रुपए भी स्वीकृत किए गए हैं।

    

उन्होंने बताया कि यह सुविधा राजधानी के मरीजों के साथ आसपास के राज्यों से आने वाले मरीजों को भी मिलेगी। साथ ही उन्होंने जानकारी दी है कि प्रदेश के 6 जिलों में अत्याधुनिक मॉडल अस्पताल बनाए जाएंगे, जिनमें सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं उपलब्ध होंगी।


अंबेडकर अस्पताल में खुल सकता है आईवीएफ सेंटर

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के अनुसार अंबेडकर अस्पताल में आईवीएफ सेंटर भी स्थापित करने पर विचार किया जा रहा है। इस संबंध में रुकी हुई डीपीआर का निर्माण जल्द ही शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अंबेडकर अस्पताल में आधुनिक पोस्टमार्टम हाउस भी बनाया जाएगा, जिसमें नए उपकरणों के साथ-साथ विशेषज्ञ स्टाफ भी तैनात किया जाएगा।


पोस्टमार्टम के लिए नई वर्चुअल मशीन स्थापित की जा रही

स्वास्थ्य मंत्री के मुताबिक अंबेडकर अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए नई वर्चुअल मशीन स्थापित की जा रही है। यह मशीन देश में सबसे आधुनिक तकनीक से युक्त होगी और इससे पोस्टमार्टम के कार्यों में तेजी आएगी। इसके साथ ही यह सुविधा राजधानी के लोगों के लिए अत्यधिक सहायक सिद्ध होगी।


अस्पतालों में नई सेवाओं की संख्या बढ़ाई जाएगी

स्वास्थ्य मंत्री के मुताबिक  सरकारी अस्पतालों में नई सेवाओं की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसमें दूरस्थ परामर्श, अत्याधुनिक उपकरणों का उपयोग एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। इससे राज्य के सभी नागरिकों को अत्याधुनिक एवं उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाएं प्राप्त होंगी।

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