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मैथिलीशरण गुप्त की रचनाएं भारतीय साहित्य की अमूल्य धरोहर हैं: विष्णुदेव साय

11 दिस, 20240 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
मैथिलीशरण गुप्त की रचनाएं भारतीय साहित्य की अमूल्य धरोहर हैं: विष्णुदेव साय

मैथिलीशरण गुप्त की रचनाएं भारतीय साहित्य की अमूल्य धरोहर हैं: विष्णुदेव साय

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

रायपुर। कुछ काम करो, कुछ काम करो, जग में रह कर कुछ नाम करो... इस तरह की तमाम चर्चित रचनाएं लिखने वाले राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त को उनकी पुण्यतिथि पर बुधवार को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने याद किया। उनके व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला और श्रद्धा सुमन अर्पित किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैथिलीशरण गुप्त की रचनाएं भारतीय साहित्य की अमूल्य धरोहर हैं जो नई पीढ़ी का मार्गदर्शन करती रहेगी।

   

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की रचनाओं का आम जीवन पर प्रभाव को याद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैथिलीशरण गुप्त की राष्ट्रीय और सामाजिक चेतना से ओतप्रोत खड़ी बोली की रचनाओं ने भारतीय समाज के एक बड़े वर्ग को प्रभावित किया। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान उनकी रचनाओं के प्रभाव को देखते हुए  उन्हें राष्ट्रकवि की उपाधि प्रदान की गई थी। 

   

राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त ने खड़ी बोली को काव्य भाषा के रूप में प्रतिष्ठित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और नये कवियों को काव्यलेखन के लिए प्रेरित किया। मैथिलीशरण गुप्त को उनके कालजयी साहित्य के लिए पद्मभूषण सहित कई पुरस्कारों से नवाजा गया।

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