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Chhattisgarh

बिजली के टैरिफ में न्यूनतम वृद्धि, किसानों पर नहीं पड़ेगा कोई अतिरिक्त भार: विष्णु देव साय

16 जुल, 20250 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
Cm vishnu dev saay

Cm vishnu dev saay

Hitesh Kumar Singh
डेस्क रिपोर्टर
Hitesh Kumar Singh

रायपुर। बिजली का टैरिफ बढ़ाए जाने का कांग्रेस लगातार विरोध कर रही है। इस संबंध में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की ओर से बयान जारी किया गया है। उनका कहना है कि बिजली के टैरिफ में न्यूनतम वृद्धि की गई है। इससे किसानों पर कोई अतिरिक्त भार नहीं पड़ेगा। 

मुख्यमंत्री की ओर से कहा गया है कि छत्तीसगढ़ विद्युत नियामक आयोग की ओर से वर्ष 2025-26 के लिए घोषित बिजली टैरिफ में मात्र 1.89 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, जो कि विगत वर्षों में न्यूनतम वृद्धि में से एक है। यह निर्णय जनसुनवाई की प्रक्रिया के बाद पारदर्शी ढंग से लिया गया है और इसे घरेलू उपभोक्ताओं से लेकर स्टील और रोलिंग मिल उद्योगों तक ने सराहा है।

 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का कहना है कि घरेलू विद्युत दरों में केवल 10 से 20 पैसे तक की मामूली वृद्धि की गई है। जबकि कृषि पंप उपभोक्ताओं के लिए 50 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है। जिसका सीधा असर किसानों पर नहीं पड़ेगा। यह राशि शासन की ओर से सब्सिडी के रूप में पहले से अग्रिम भुगतान की जा रही है। सरकार का उद्देश्य  है कि छत्तीसगढ़ के कृषक वर्ग पर कोई अतिरिक्त आर्थिक भार न पड़े। सरकार किसानों के हितों की पूरी तरह से रक्षा कर रही है।

 

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता है कि बिजली उपभोक्ताओं को न केवल निर्बाध आपूर्ति मिले, बल्कि वह गुणवत्तापूर्ण, सस्ती और टिकाऊ हो। वर्तमान और भावी योजनाओं के माध्यम से छत्तीसगढ़ ऊर्जा के क्षेत्र में राष्ट्रीय मानक स्थापित करेगा।

 

उद्योगों की दरों में की गई कटौती

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने उद्योगों को प्रतिस्पर्धात्मक बनाए रखने के लिए मिनी स्टील, रोलिंग मिल और फेरो एलॉय जैसे ऊर्जा-गहन उद्योगों की दरों में कटौती की है। यह निर्णय उद्योगों के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

 

प्रतिदिन 23 घंटे से अधिक बिजली की आपूर्ति

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में औसतन 23.85 घंटे प्रतिदिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 23.45 घंटे प्रतिदिन बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। विशेष रूप से कृषि फीडरों में 18 घंटे प्रतिदिन की आपूर्ति दी जा रही है, जो देश के सभी राज्यों में सर्वाधिक आंकड़ों में शामिल है। तकनीकी और वाणिज्यिक हानि को 2020-21 में 23.14% से घटाकर 2024-25 में 13.79% किया गया है। 

 

वर्तमान टैरिफ में केपिटल इन्वेस्टमेंट प्लान का भी

वर्तमान टैरिफ में केपिटल इन्वेस्टमेंट प्लान का भी समावेश है। इसके अंतर्गत ट्रांसमिशन कंपनी के लिए 2433 करोड़ रुपए, डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के लिए 3977 करोड़ रुपए और जनरेशन कंपनी के लिए 2992 करोड़ रुपए का प्रावधान है। कोरबा में 1320 मेगावॉट के प्लांट की स्थापना का कार्य भी प्रारंभ हो चुका है, जिसकी लागत ₹15,800 करोड़ है। इससे छत्तीसगढ़ भविष्य में ऊर्जा-सरप्लस राज्य बनेगा और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।

 

घरेलू उपभोक्ताओं के लिए डबल अनुदान योजना

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का कहना है कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत 3 किलोवाट तक के संयंत्रों पर ₹78,000 तक केंद्र सरकार से अतिरिक्त 2 किलोवाट तक के संयंत्रों पर ₹30,000 तक राज्य शासन से अनुदान दिया जाएगा। यह योजना छत्तीसगढ़ के घरेलू उपभोक्ताओं को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में क्रांतिकारी पहल है। पॉवर कंपनी/शासन की ओर से 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक के करार किए गए हैं, जिससे आने वाले समय में ऊर्जा उत्पादन और रोजगार दोनों के क्षेत्र में क्रांति आएगी।

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