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प्राकृतिक और जैविक खेती आज की सबसे बड़ी जरूरत, किसानों में जागरूकता लाना समय की मांग: रमेन डेका

13 नव, 20250 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
Governor ramen deka and minister ram vichar netam

Governor ramen deka and minister ram vichar netam

Hitesh Kumar Singh
डेस्क रिपोर्टर
Hitesh Kumar Singh

रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने गुरुवार को प्राकृतिक खेती विषय पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में कहा कि प्राकृतिक और जैविक खेती आज की सबसे बड़ी जरूरत है। रासायनिक उर्वरकों का उपयोग उतना ही होना चाहिए, जितना बिल्कुल जरूरी हो। किसानों में इस बात की जागरूकता लाना समय की मांग है। 

कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग व इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की ओर से संगोष्ठी का आयोजन किया गया। राज्यपाल बाद और मुख्य अतिथि शामिल हुए, जबकि अध्यक्षता कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने की। राज्यपाल ने कहा कि 1960 के दशक में जब देश खाद्यान्न संकट का सामना कर रहा था, तब हरित क्रांति ने बड़ी भूमिका निभाई। नए बीज, रासायनिक खाद, सिंचाई और मशीनों के उपयोग से उत्पादन में वृद्धि हुई, जो उस समय देश के लिए बड़ी उपलब्धि थी।

कृषि उत्पादन आयुक्त एवं सचिव शहला निगार ने राज्य में प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने स्वागत भाषण दिया। पद्मश्री साबरमती सहित कई उत्कृष्ट किसानों को सम्मानित किया गया। छत्तीसगढ़ बीज विकास निगम के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर, छत्तीसगढ़ कृषक कल्याण परिषद के अध्यक्ष सुरेश चंद्रवंशी की मौजूदगी रही। 

कई समस्याओं को जन्म दे रहा रासायनिक खादों और माइक्रोप्लास्टिक का अधिक उपयोग

राज्यपाल ने कहा कि आज रासायनिक खादों और माइक्रोप्लास्टिक का अत्यधिक उपयोग कई समस्याओं को जन्म दे रहा है। इसलिए जैविक और प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ना बेहद जरूरी है। इससे फसलों का मूल्य संवर्धन होगा और किसान बेहतर लाभ कमा सकेंगे। राज्यपाल ने कृषि के विद्यार्थियों से अपील की है कि पढ़ाई पूरी करने के बाद वे जैविक खेती को अपनाएं, जिससे अन्य किसान भी प्रेरित होंगे। उन्होंने कहा कि आज के समय में जैविक खेती बड़ा व्यवसाय बन चुका है और इसे सही दिशा देने की आवश्यकता है।

 

आने वाली पीढ़ी के हित में समय रहते बदलाव करना जरूरी

संगोष्ठी में कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि आज सबसे बड़ी चुनौती यह है कि प्राकृतिक खेती को किस प्रकार व्यापक रूप से बढ़ावा दिया जाए। रासायनिक खादों के अत्यधिक उपयोग से धरती विषैली हो रही है और कई तरह की बीमारियां बढ़ रही हैं। आने वाली पीढ़ी के हित में समय रहते बदलाव करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार जैविक खेती को बढ़ाने के लिए मिशन मोड में कार्य कर रही है।




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