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Chhattisgarh

मुख्यमंत्री के निर्देश पर छत्तीसगढ़ पुलिस ने अंतरराज्यीय गांजा तस्करी के बड़े रैकेट का किया खुलासा, सरगना सहित 8 गिरफ्तार

31 अग, 20240 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
मुख्यमंत्री के निर्देश पर छत्तीसगढ़ पुलिस ने अंतरराज्यीय गांजा तस्करी के बड़े रैकेट का किया खुलासा, सरगना सहित 8 गिरफ्तार

मुख्यमंत्री के निर्देश पर छत्तीसगढ़ पुलिस ने अंतरराज्यीय गांजा तस्करी के बड़े रैकेट का किया खुलासा, सरगना सहित 8 गिरफ्तार

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर छत्तीसगढ़ पुलिस अवैध पदार्थों की तस्करी करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है।  इसी कड़ी में रायगढ़ पुलिस की ओर से गांजा तस्करों के बड़े नेटवर्क का खुलासा किया गया है। अब तक सरगना सहित 8 को गिरफ्तार किया गया है।

    

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार अवैध प्रदार्थों की तस्करी और आपराधिक गतिविधियों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए मुख्यमंत्री को कहा था। मुख्यमंत्री की ओर से दिए गए  अवैध मादक पदार्थ के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश पर बिलासपुर रेंज आईजी डॉ. संजीव शुक्ला और एसपी दिव्यांग पटेल के मार्गदर्शन में 28 अगस्त को जूटमिल पुलिस ने कोड़ातराई के पास रेड की।  

     

एक महिला समेत 05 आरोपी को पकड़ा गया था, जिनसे 175 किलो गांजा, एक अल्टो कार और एक छोटा हाथी पिकअप वाहन (कुल 43 लाख रुपये की संपत्ति) जब्त की गई थी। गिरफ्तार मुख्य आरोपी संतराम खुंटे सक्ती (छत्तीसगढ़) और इनके साथियों से कड़ी पूछताछ की गई। पुलिस को तस्करों की कार्यप्रणाली और गिरोह के अन्य सदस्यों की जानकारी मिली।


पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया गया

पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर डॉ. संजीव शुक्ला के मार्गदर्शन पर रायगढ़ और बिलासपुर पुलिस की 5 अलग-अलग विशेष टीम बनाई गई। तीनों को अलग-अलग लोकेशन में रवाना किया गया। पुलिस टीमों ने सूझबूझ का बखूबी परिचय देते हुए जिला बउत (ओडिशा), जिला बिलासपुर, ग्राम पिहरीद व ग्राम चारपारा जिला सक्ती (छग) में दबिश देकर गिरोह के संपूर्ण नेटवर्क को ध्वस्त किया।


गांजे का ‘फॉरवर्ड लिंक’ और ‘बैकवर्ड लिंक’ स्थापित कर आरोपियों को गिरफ्तार किया

ऐसा पहली बार हुआ है जब जब्त हुए गांजे का ‘फॉरवर्ड लिंक’  और ‘बैकवर्ड लिंक’ स्थापित कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें बैकवर्ड लिंक-ओडिशा में गांजा के उत्पादन इकाई से सप्लाई करने वाला - बयोमकेश खटवा जिला बउत (ओडिशा), गांजे को उड़ीसा बॉर्डर से बिलासपुर जाँजगीर एवं अन्य जगह पहुँचाने वाला गिरोह- पूर्व में 28 अगस्त को 5 आरोपी गिरफ्तार, फॉरवर्ड लिंक-मुख्य खरीदार जो आस पास के क्षेत्र में गांजा सप्लाई करता है -भागवत साहू पीहरीद सक्ती, फॉरवर्ड लिंक- छत्तीसगढ़ में आगे गांजा सप्लाई व फुटकर बिक्री हेतु गांजा खपाने वाले- दीपक उर्फ नान्हू भारद्वाज सक्ती (छत्तीसगढ़), आरोपियों के मेमोरेंडम पर अवैध गांजा कारोबार से मिले रकम से क्रय की गई आई-10 कार, सिलेरियो कार, 06 मोबाइल, नकदी रकम की जप्ती की गई है।


टीम का मुख्य सरगना भागवत साहू

गांजा तस्करों की टीम का मुख्य सरगना भागवत साहू है, जो पिछले कई सालों से अवैध गांजा खरीद फरोख़्त का धंधा करता है। शुरुआती दौर में उड़ीसा के छोटे सप्लायर से 4-5 किलो गाँजा खरीद कर छत्तीसगढ़ में बेचा करता था। बाद में ओडिशा के एक बड़े गांजा सप्लायर व्योमा उर्फ व्योमकेश से संपर्क होने पर बड़ी मात्रा में गांजा खरीद कर सुनसान जगह पर गांजा अपनी गाड़ी में स्थानांतरित कर अपनी टीम के आरोपी के घर में गांजा डंप करके रखते थे। वहां से शुरूवात में 15-20 किलो गांजा निकाल कर अलग-अलग प्रदेश में सप्लाई करते थे। डिमांड अनुसार फिर 1 क्विंटल-2 क्विंटल गांजा की सप्लाई करने लगे थे।


गुप्त ठिकानों में छिपाकर रखते और बिक्री करते थे

संतराम और भागवत ओडिशा पार्टी से गांजा खरीद कर अपने साथियों के साथ रोड क्लीयर करते हुए आधे रास्ते तक आता था, ताकि पकड़ा ना जाये फिर आगे इसके दूसरे साथी गांजा लेकर अपने गुप्त ठिकानों में छिपाकर रखते और बिक्री करते थे। गिरोह  ट्रांसपोर्टिंग के जरिए माल छत्तीसगढ़ और कई प्रदेश में गांजा की बिक्री करते थे। भागवत पिछले कई वर्षों से गांजा के अवैध कारोबार में संलिप्त है जो अब तक पुलिस पकड़ में नहीं आया था ।


28 अगस्त की कार्रवाई के बाद सतर्क हो गए थे

28 अगस्त को जूटमिल, जिला रायगढ़ में गिरोह के 05 आरोपी पकड़े जाने के बाद बाकी सभी सतर्क हो गए, इनका पूरा चैनल गिरफ्तारी से बचने अपना-अपना मोबाइल बंद कर सभी संपर्क से कट गए थे। रायगढ़ पुलिस की एकाएक अलग-अलग स्थानों पर रेड की चौतरफा कार्रवाई में आरोपी दबोचे गए हैं ।


कई चौकानें वाले तथ्य सामने आए हैं

मुख्य सप्लायर व्योमकेश से गहन पूछताछ करने पर कई चौकानें वाले तथ्य सामने आए हैं, जिसमें उसने जिला बाउत उड़ीसा एवं उसके आसपास के जिलों के जंगलों में अवैध गांजा उत्पादन के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। रायगढ़ पुलिस कार्रवाई के सभी महत्वपूर्ण तथ्यों से ओडिशा पुलिस एवं राष्ट्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो के साथ साझा कर रही है, जिससे गांजा के इस नेटवर्क को जड़ से समूल नष्ट किया जा सके। 


कार्रवाई में इनकी भूमिका रही

कार्रवाई में डीएसपी साइबर सेल अभिनव उपाध्याय, एसडीओपी खरसिया प्रभात पटेल, निरीक्षक राकेश मिश्रा, निरीक्षक मोहन भारद्वाज, उप निरीक्षक गिरधारी साव, प्रधान आरक्षक सतीश पाठक, कृष्णा गुप्ता, लोमश राजपूत, अमित तिर्की, साइबर सेल के राजेश पटेल, दुर्गेश सिंह बृजलाल गुर्जर, आरक्षक अभिषेक द्विवेदी, प्रशांत पंडा, महेश पंडा, आदिकांत प्रधान, विकास प्रधान, नवीन शुक्ला, सुशील यादव, जितेश्वर चौहान, रविन्द्र गुप्ता, लखेश्वर पुरसेठ, शशिभूषण साहू शामिल थे।

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