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प्रधानमंत्री छत्तीसगढ़ के विशेष पिछड़ी जनजातीय परिवारों से करेंगे संवाद, 15 सितंबर को वर्चुअल रूप से कार्यक्रम को संबोधित भी करेंगे

23 अग, 20240 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
प्रधानमंत्री छत्तीसगढ़ के विशेष पिछड़ी जनजातीय परिवारों से करेंगे संवाद, 15 सितंबर को वर्चुअल रूप से कार्यक्रम को संबोधित भी करेंगे

प्रधानमंत्री छत्तीसगढ़ के विशेष पिछड़ी जनजातीय परिवारों से करेंगे संवाद, 15 सितंबर को वर्चुअल रूप से कार्यक्रम को संबोधित भी करेंगे

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

रायपुर। आदिम जाति कल्याण मंत्री राम विचार नेताम की पहल पर छत्तीसगढ़ में विशेष पिछड़ी जनजातीय बैगा, पहाड़ी कोरवा, कमार, अबुझमाड़िया, बिरहोर बाहुल्य क्षेत्रों में 23 अगस्त से 10 सितंबर तक मेगा अभियान चलाया जाएगा। इसमें राज्य और केन्द्र सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा। 15 सितंबर को जनजातीय गौरव दिवस पर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी   कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से शामिल होंगे और विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों (पीवीटीजी) के साथ संवाद करेंगे।

   

प्रदेश के 18 जिलों में प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) संचालित है। इन जिलों में आदिम जाति और अनुसूचित जाति विकास विभाग की ओर से सितंबर में मेगा ईवेंट और आईईसी कैंपेन का आयोजन होगा। आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री राम विचार नेताम ने बताया कि प्रधानमंत्री पीएम जनमन योजना के तहत झारखंड में आयोजित किए जा रहे राष्ट्रीय मेगा ईवेंट में शामिल होंगे। वहीं से देश के सभी पीवीटीजी बसाहट वाले जिलों को संबोधित करेंगे। साथ ही टू वे कनेक्टिविटी के माध्यम से संवाद स्थापित करेंगे।

    

मंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में विशेष पिछड़ी जनजाति वाले किसी एक जिले में राज्य स्तरीय मेगा ईवेंट के लिए चिन्हित किया जाएगा। मेगा ईवेंट के अतिरिक्त बाकी सभी पीएम-जनमन के जिलों में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित होंगे। इन सभी आयोजनों में झारखंड से प्रधानमंत्री का संबोधन और संवाद सुचारु रूप से देखने और सुनने के लिए टू-वे-कनेक्टिविटी की जरूरी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। इन आयोजनों में स्थानीय विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि शामिल होंगे।

    

कार्यक्रम में केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत विशेष पिछड़ी जनजाति को लाभान्वित किया जाएगा। इस दौरान सास्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा।


इन योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा

मंत्री ने बताया कि शिविरों का आयोजन 23 अगस्त से 10 सितंबर 2024 तक किया जाना है। इन शिविरों के माध्यम से आधार कार्ड, जनधन खाता, आयुष्मान कार्ड, वन अधिकार पत्र राशन कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, पीएम किसान सम्मान निधि, पीएम मातृत्व वंदना योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, सिकल सेल की जांच एव मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाएं आदि से लाभान्वित की जानी है। इसका उद्देश्य सभी पीवीटीजी बसाहटों में तात्कालिक गतिविधियों की शत-प्रतिशत संतृप्ति की जानी है।

    

लाभार्थी संतृप्ति शिविर सभी पीवीटीजी बसाहटों, जिलों में चलाए जाएंगे। इस लाभार्थी संतृप्ति शिविर का मुख्य फोकस यूआईडीएआई के तहत नामांकन एवं आधार कार्ड जारी करना पीएम जनधन के तहत बैंक खाता खोलना, सभी पात्र लाभार्थियों का आयुष्मान भारत कार्ड बनाना, सभी पीवीटीजी को सामुदायिक प्रमाण पत्र जारी कर वन अधिकार पत्र जारी करना तथा पीवीटीजी बसाहटों में सिकल सेल बीमारी की जांचआदि कार्य किए जाएंगे। पीएम-जनमन के अंतर्गत स्वीकृत गतिविधियों जैसे प्रधानमंत्री आवास (ग्रामीण), संपर्क सड़क, मोबाईल मेडिकल यूनिट, नल से जल, विद्युतिकरण आदि की जानकारी दी जाएगी।


पांच विशेष जातियों के लिए चलाई जा रही योजनाएं

प्रदेश में केंद्र सरकार की ओर से घोषित 05 विशेष कमजोर जनजाति समूह क्रमशः बैगा, पहाड़ी कोरवा, कमार, अबूझमाड़िया एवं बिरहोर जनजाति समूहों तथा बसाहटों के तत्काल विकास के लिए प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) योजना क्रियान्वित की जा रही है।  इन वर्गों का समग्र विकास करने के लिए केंद्र तथा राज्य सरकार मिलकर लगातार प्रयास कर रही है।

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