गुरुवार, 02 अप्रैल 2026
Logo
Chhattisgarh

जनकल्याणकारी निर्णयों से राज्य में लघु वनोपजों के व्यापार को मिलेगी ज्यादा मजबूती

10 जुल, 20250 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
Forest minister kedar kashyap

Forest minister kedar kashyap

Hitesh Kumar Singh
डेस्क रिपोर्टर
Hitesh Kumar Singh

रायपुर। वन मंत्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में गुरुवार को वनोपज राजकीय व्यापार अर्न्तविभागीय समिति (आईडीसी) की 307वीं बैठक नवा रायपुर स्थित मंत्री निवास कार्यालय में हुई। बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। वन मंत्री ने कहा कि बैठक में लिए गए जनकल्याणकारी निर्णयों से राज्य में लघु वनोपजों के व्यापार को ज्यादा मजबूती मिलेगी। 

वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि बैठक में वनांचल के लोगों के हितों को देखते हुए निर्णय लिए गए हैं। इससे वनांचल के लोगों की आय में बढ़ोत्तरी होगी। उनके जीवन स्तर में आर्थिक बदलाव भी आएगा। उम्मीद जताई है कि इससे वनोपज निर्यात को भी प्रोत्साहन मिलेगा। वन मंत्री मंत्री ने 306वीं बैठक में लिए गए निर्णयों की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में वर्ष 2023-24, तथा 2024-25 के लिए भारत सरकार की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) योजना के अंतर्गत 16 प्रमुख वनोपजों जैसे महुआ फूल, तेंदूपत्ता (बीज रहित), गोंद, हर्रा, बहेरा, चिरौंजी, कोदो, कुल्थी, रागी, गिलोय, कुसुम बीज, बहेड़ा बीज आदि वनोपज की समर्थन मूल्य पर खरीदी के प्रस्ताव को समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

 बैठक में वर्ष 2024-25 एवं 2025 के लिए समर्थन मूल्य योजनांतर्गत वनोपजों की विक्रय दरों के निर्धारण को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश और प्रस्तावों पर भी समिति की ओर से विचार किया गया। बैठक में सचिव वन अमरनाथ प्रसाद, प्रधान मुख्य वन संरक्षक वी. श्रीनिवास राव, राज्य लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक अनिल साहू, सलमा फारूकी आदि उपस्थित रहे।

पाठकों की राय (0)

इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

अपनी प्रतिक्रिया दें