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छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं को मिलेगा नया आयाम, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से ओलंपिक विजेता अभिनव बिंद्रा की मुलाकात

19 जुल, 20250 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
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Sandeep Sinha
डेस्क रिपोर्टर
Sandeep Sinha

रायपुर।छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभाओं के लिए एक नई शुरुआत की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आज ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता शूटर अभिनव बिंद्रा ने उनके निवास कार्यालय में मुलाकात की। इस अवसर पर दोनों ने राज्य में ओलंपिक वैल्यू एजुकेशन, स्पोर्ट्स इंजरी रिकवरीऔरस्पोर्ट्स साइंस डेवलपमेंटजैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की।

मुख्यमंत्री साय ने बिंद्रा का पुष्पगुच्छ एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर आत्मीय स्वागत किया। चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार राज्य की खेल प्रतिभाओं को संवारने और उन्हें राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मंच देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से आदिवासी अंचलों में युवाओं में खेलों के प्रति स्वाभाविक रुचि एवं नैसर्गिक प्रतिभा है, जिसे उचित मार्गदर्शन और सुविधाओं की आवश्यकता है।

अभिनव बिंद्रा फाउंडेशन की बड़ी पहल

बिंद्रा ने बताया कि उनकी संस्थाअभिनव बिंद्रा फाउंडेशनविभिन्न राज्यों में खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, पुनर्वास और मूल्य शिक्षा हेतु निशुल्क कार्यक्रम संचालित कर रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि वो छत्तीसगढ़ में भी इसी तरह के कार्यक्रम शुरू करना चाहते हैं।

ओलंपिक वैल्यू एजुकेशन प्रोग्रामके अंतर्गत स्कूली बच्चों मेंउत्कृष्टता, सम्मान और मैत्रीजैसे मूल्यों का विकास किया जाएगा। वहींस्पोर्ट्स इंजरी रिकवरी कार्यक्रमके अंतर्गत खिलाड़ियों कोनिशुल्क सर्जरी, पुनर्वास और चिकित्सा सुविधाएंप्रदान की जाएंगी, जिससे वो पूरी तरह स्वस्थ होकर फिर से मैदान में लौट सकें। इसके लिए 30 उत्कृष्ट चिकित्सकों का एक नेटवर्क कार्यरत है।

इसके अलावा बिंद्रा ने छत्तीसगढ़ मेंस्पोर्ट्स साइंस प्रोग्रामशुरू करने की भी इच्छा जताई, जिससे आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक विधियों के माध्यम से खिलाड़ियों की प्रतिभा को और निखारा जा सके।

सरकार का फोकस: आदिवासी क्षेत्रों की प्रतिभा

मुख्यमंत्री साय ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार पहले से ही खिलाड़ियों के प्रोत्साहन और संसाधनों की उपलब्धता के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने बताया किकोरवा जनजातिके युवाओं में तीरंदाजी का प्राकृतिक कौशल है, जिसे बढ़ावा देने के लिए रायपुर एवं जशपुर में60 करोड़ रुपये की लागत से एनटीपीसी के सहयोग से आर्चरी अकादमीकी स्थापना की जा रही है।

इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि बस्तर ओलंपिक में1.65 लाख से अधिक खिलाड़ियोंकी भागीदारी रही है। वहीं, ओलंपिक में पदक जीतने वाले छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों कोस्वर्ण पदक के लिए 3 करोड़, रजत के लिए 2 करोड़, औरकांस्य पदक के लिए 1 करोड़ रुपयेकी प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की गई है।

इस अवसर पर खेल मंत्री टंकराम वर्मा, छत्तीसगढ़ युवा आयोग के अध्यक्ष विश्वविजय सिंह तोमर, खेल विभाग के सचिव यशवंत कुमार, संचालक श्रीमती तनुजा सलाम, डॉ. दिगपाल राणावत सहित कई गणमान्यजन उपस्थित थे।

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