
डेस्क रिपोर्टर
Sandeep Sinhaरिपोर्ट- प्रशांत द्विवेदी
रायपुर। छत्तीसगढ़ की धरती से अब एक नई शुरुआत होने जा रही है। "बस्तर राइजिंग" नामक विशेष अभियान 8 अक्टूबर से प्रारंभ होगा, जो बस्तर की संस्कृति, उद्यमिता, कला और पर्यटन को राष्ट्रीय मंच देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। यह दो सप्ताह तक चलने वाला अभियान, छत्तीसगढ़ शासन के जनसंपर्क विभाग और बस्तर संभाग के सातों जिलों के प्रशासन के संयुक्त प्रयास से आयोजित किया जा रहा है।
अभियान के मुख्य उद्देश्य
बस्तर की सांस्कृतिक विरासत, पर्यावरणीय अनूठापन और स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना। युवाओं, शिल्पकारों और विशेषज्ञों के साथ संवाद और कार्यशालाओं का आयोजन। स्थानीय समुदायों की भागीदारी को बढ़ावा देना।
ये जिले बनेंगे "बस्तर राइजिंग" का हिस्सा,
केशकाल
नारायणपुर
कोण्डागांव
सुकमा
दंतेवाड़ा
बीजापुर
चित्रकोट, बारसूर और जगदलपुर।
यह अभियान इन क्षेत्रों में कला, हस्तशिल्प, कृषि, पर्यटन, खेल और शिक्षा के क्षेत्र में छिपी संभावनाओं को उजागर करेगा।
अभियान का ग्रैंड फिनाले, “हार्मोनी फेस्ट 2025”
अभियान का समापन रायपुर में भव्य आयोजन “हार्मोनी फेस्ट 2025” के रूप में होगा। थीम होगी – “दिल मेला – दिल में ला”, जहां बस्तर की प्रेरक कहानियाँ, नवाचार और समृद्ध संस्कृति को पूरे देश के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।पहचान बनकर उभरेगा।
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