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Chhattisgarh

पंचायतों की भूमिका, स्थानीय सहभागिता और तकनीकी सहयोग जलापूर्ति व्यवस्था की स्थिरता का आधार: अरुण साव

28 जन, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
Deputy CM Arun Sao

Deputy CM Arun Sao

Hitesh Kumar Singh
डेस्क रिपोर्टर
Hitesh Kumar Singh

रायपुर। नई दिल्ली में आयोजित जल जीवन मिशन के राष्ट्रीय नीति संवाद में बुधवार को छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री व लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरुण साव ने पंचायतों की भूमिका, स्थानीय सहभागिता और तकनीकी सहयोग को जलापूर्ति व्यवस्था की स्थिरता का आधार बताया। सस्टेनेबल पेयजल आपूर्ति के लिए सुझाव भी दिए। 

उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में संचालित कार्यों, जमीनी स्तर पर आ रही चुनौतियों और राज्य की उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मिशन के तहत निर्मित पेयजल योजनाओं को पंचायतों को हस्तांतरित करने के बाद उनका प्रभावी संचालन व अनुरक्षण सुनिश्चित करना आवश्यक है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में निरंतर, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण जलापूर्ति बनी रहे। 

 

मिनिस्टर्स लेवल पॉलिसी डायलॉग ऑन सस्टेनेबल ओएंडएम ऑफ रुरल ड्रिंकिंग वाटर सर्विसेस की अध्यक्षता केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल और केंद्रीय पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह ने की। बैठक में केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री वी. सोमन्ना, केंद्र सरकार के सचिव एवं अतिरिक्त सचिव सहित देश के विभिन्न राज्यों के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के मंत्री भी शामिल हुए।

 

इस संवाद कार्यक्रम में भारत सरकार और विभिन्न राज्यों के बीच ग्रामीण जलापूर्ति व्यवस्था को दीर्घकालिक, सुदृढ़ और प्रभावी बनाने गहन विचार-विमर्श किया गया। देश के विभिन्न राज्यों से प्राप्त व्यावहारिक अनुभवों एवं सुझावों पर भी गहन चर्चा हुई, जिससे जमीनी स्तर पर जलापूर्ति व्यवस्था को और अधिक सशक्त, टिकाऊ तथा जनहितकारी बनाने के लिए जरूरी कदम उठाए जा सकें। 

 

छत्तीसगढ़ की ओर से जल जीवन मिशन के मिशन संचालक जितेंद्र शुक्ला, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख अभियंता ओंकेश चंद्रवंशी, अधीक्षण अभियंता एके मालवे और कार्यपालन अभियंता संजय राठौर ने भी बैठक में भागीदारी की।

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