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यूपी के दो मंत्रियों ने पवित्र गंगा जल और प्रतीक चिन्ह देकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को महाकुंभ के लिए आमंत्रित किया

10 दिस, 20240 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
यूपी के दो मंत्रियों ने पवित्र गंगा जल और प्रतीक चिन्ह देकर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को महाकुंभ के लिए आमंत्रित किया

यूपी के दो मंत्रियों ने पवित्र गंगा जल और प्रतीक चिन्ह देकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को महाकुंभ के लिए आमंत्रित किया

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

रायपुर। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को प्रयागराज के पवित्र संगम में वर्ष 2025 में आयोजित हो रहे महाकुंभ में शामिल होने का आमंत्रण भेजा है। यूपी के दो मंत्रियों ने पवित्र गंगा जल और प्रतीक चिन्ह देकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और सभी प्रदेशवासियों को महाकुंभ के लिए आमंत्रित किया। 

    

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से उनका आमंत्रण लेकर उत्तर प्रदेश के आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री सुनील कुमार शर्मा और समाज कल्याण राज्य मंत्री संजय गोंड ने मुख्यमंत्री विष्णु साय से मुलाकात की और उन्हें आमंत्रण पत्र, पवित्र गंगा जल और कुंभ का प्रतीक चिन्ह सौंप कर उन्हें महाकुंभ में आमंत्रित किया। मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने मुख्यमंत्री से यह भी आग्रह किया कि कुंभ स्थल पर छत्तीसगढ़ का भी एक पंडाल लगाया जाए।

    

मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ के पंडाल के लिए स्थान उपलब्ध कराने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम एक पत्र मंत्रीद्वय को सौंपा। कहा कि पंडाल में छत्तीसगढ़ से कुंभ में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने और भोजन की व्यवस्था रहेगी। मुख्यमंत्री साय ने मंत्री द्वय का छत्तीसगढ़ में स्वागत करते हुए आमंत्रण के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार प्रकट किया। 


महाकुंभ में शामिल होना सौभाग्य का विषय

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महाकुंभ में शामिल होना सौभाग्य का विषय है। वे पहले भी कुंभ में शामिल होते रहे हैं, लेकिन इस बार का कुंभ विशेष है। आमंत्रण देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो-दो मंत्रियों को भेजा है। हम महाकुंभ में जरूर जाएंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अनुरोध किया है कि छत्तीसगढ़ महाकुंभ में पहुंचने वाले देश-विदेश के श्रद्धालुओं को इस प्रदेश की संस्कृति, विकास और उपलब्धियों से परिचित कराने के लिए उत्सुक है। छत्तीसगढ़ से महाकुंभ के दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं के भोजन एवं रहने-ठहरने की व्यवस्था के लिए महाकुंभ क्षेत्र में भूमि आरक्षित किया जाए।

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