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Chhattisgarh

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने चंपारण में महाप्रभु श्री वल्लभाचार्य के मुख्य प्राकट्य बैठक स्थल के दर्शन किए

24 अग, 20240 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने चंपारण में महाप्रभु श्री वल्लभाचार्य के मुख्य प्राकट्य बैठक स्थल के दर्शन किए

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने चंपारण में महाप्रभु श्री वल्लभाचार्य के मुख्य प्राकट्य बैठक स्थल के दर्शन किए

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

रायपुर। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह छत्तीसगढ़ के दौरे पर हैं।  शनिवार को वह पवित्र धाम चंपारण पहुंचे। यहां महाप्रभु श्री वल्लभाचार्य मंदिर में श्री वल्लभाचार्य के मुख्य प्राकट्य बैठक स्थल के दर्शन किए। चम्पेश्वर महादेव मंदिर में भी  दर्शन के साथ विधिविधान से पूजन किया। 

    

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल भी मौजूद रहे। चंपारण में महाप्रभु वल्लभाचार्य आश्रम पहुंचने पर केन्द्रीय गृह मंत्री का परंपरागत ढंग से स्वागत किया गया। द्वारिकेश लाल महाराज ने उन्हें महाप्रभु वल्लभाचार्य की प्रतिमा भेंट की। वल्लभाचार्य निधि ट्रस्ट की ओर से भी उनका स्वागत किया गया। हरीश बाबरिया और मोनल बाबरिया की ओर से उन्हें श्रीनाथ जी का चित्र भेंट किया गया।


देशभर से पुष्टिमार्ग के अनुयायी जुटते हैं

छत्तीसगढ़ में महाप्रभु वल्लभाचार्य जी के जन्मस्थली चंपारण में देशभर से पुष्टिमार्ग के अनुयायी जुटते हैं। बनारस-दक्षिण प्रवास के दौरान वल्लभाचार्य जी की माता को प्रसव पीड़ा हुई और चंपारण में चम्पेश्वर महादेव मंदिर के निकट उन्होंने बालक को जन्म दिया। वल्लभाचार्य जी ने पुष्टि मार्ग का प्रवर्तन किया और देशभर में कृष्ण भक्ति की अलख जगाई।


महाप्रभु वल्लभाचार्य ने सनातन परंपरा के मूल्यों को संजोया

भारत में हमेशा से उत्तर से दक्षिण भारत की ओर तथा दक्षिण भारत से उत्तर की ओर तीर्थ यात्रा की परंपरा रही है और यह तीर्थ यात्रा महानदी के बहुत से तीर्थ स्थलों के निकट से गुजरती है। चंपारण की कहानी अपने आप में भारत की विशिष्ट सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाती है। उसके साथ ही यह महाप्रभु वल्लभाचार्य एवं भक्ति आंदोलन के आचार्यों की सुंदर परंपरा को भी दर्शाती है जिन्होंने सनातन परंपरा के मूल्यों को संजोया और कृष्ण भक्ति की अलख जगाई।


पद्म क्षेत्र के चारों ओर पंचकोसी परिक्रमा होती है

चौरासी वैष्णवों की वार्ता तथा वल्लभ दिग्विजय जैसे ग्रंथों में महाप्रभु के बचपन और उनकी सुंदर स्मृतियां दर्ज हैं। चंपारण, त्रिवेणी संगम राजिम के निकट है राजिम में भगवान श्री राजीव  लोचन विराजित हैं। यह पदम क्षेत्र कहा जाता है। इस पद्म क्षेत्र के चारों ओर पंचकोसी परिक्रमा होती है। इस पंचकोसी परिक्रमा में श्रद्धालु हिस्सा लेते हुए चम्पेश्वर महादेव में जल अर्पित करते हैं।


इनकी उपस्थिति रही

मौके पर सर्व गुजराती समाज के अध्यक्ष प्रितेश गांधी पदीय, वल्लभाचार्य ट्रस्ट के अध्यक्ष चेतन अधिया, वल्लभाचार्य ट्रस्ट के सदस्य वल्लभ अधिया, गुजराती समाज के पदाधिकारी हरीश कुमार बाबरिया, पूर्व मंत्री चंद्रशेखर साहू, अपैक्स बैंक पूर्व अध्यक्ष अशोेक बजाज और चंपारण के सरपंच राधिका ध्रुव सहित अनेक जनप्रतिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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